युद्ध के बीच

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
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रूस और यूक्रेन के बीच दस महीनों से जारी युद्ध समाप्त होने के आसार दूर-दूर तक नहीं दिख रहे। इस दौरान दोनों देशों का काफी नुकसान हो चुका है, खासकर यूक्रेन का। साथ ही युद्ध का असर कई रूपों में दुनिया के बहुत सारे देशों पर पड़ रहा है। पूरी दुनिया में आपूर्ति शृंखला टूटने की वजह से महंगाई बढ़ रही है। पश्चिमी देशों और रूस दोनों को एहसास होना चाहिए कि युद्ध लंबा चला को विनाशकारी परिणाम सामने आएंगे।

इस बीच रूस ने यूक्रेन पर हमले तेज कर दिए। गुरुवार को रूस ने यूक्रेन पर समुद्र और आसमान से 120 मिसाइलें दागीं। राजधानी कीव समेत सात शहरों पर ये हमले किए गए। कीव के अलावा ल्वीव, खार्किव, माइकोलिव, ओडेसा, पोल्टावा और जिटोमिर में भी धमाकों की आवाजें सुनी गईं। रूस के नए हमलों के बाद फ्रांस के राष्ट्रपति एमैनुएल मैक्रों ने कहा- पावर स्टेशन पर हमला भी युद्ध अपराध ही माना जाएगा। इसके पहले 15 नवंबर को रूस ने यूक्रेन पर 100 मिसाइलें दागी थीं। इनमें से 2 पोलैंड में गिरीं थीं। 16 दिसंबर को 70 मिसाइलें दागकर यूक्रेन के तीन शहरों को तबाह कर दिया था। 

युद्ध की शुरुआत में कहा जा रहा था कि यूक्रेन पर कब्जा रूस के लिए बहुत आसान होगा। रूस की सेना काबिल है, बेहतर प्रशिक्षित है, अच्छे हथियार हैं लेकिन ऐसा देखने को नहीं मिला। इस युद्ध का सबसे बड़ा परिणाम यह देखा जा रहा है कि रूस और चीन एक-दूसरे के और करीब आ रहे हैं। मंगलवार को यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से फोन पर बातचीत करके अपना ‘शांति फार्मूला’ लागू करने में भारत की मदद मांगी।

अब सवाल है कि आगे क्या होगा? अब यूक्रेन खुद शांति का फार्मूला लेकर आया है, तो कुछ सकारात्मक नतीजों की उम्मीद बनी है। भारत कई मौकों पर युद्ध को समाप्त करने के लिए मध्यस्थ की भूमिका निभाने की कोशिश कर चुका है। शंघाई सहयोग संगठन के शीर्ष सम्मेलन में प्रधानमंत्री पुतिन से युद्ध रोकने की अपील करते हुए कहा था कि समय युद्ध का नहीं है।

भारत ने हमेशा कहा है कि समस्या का समाधान कूटनीतिक तरीके से खोजा जाना चाहिए। भारत के प्रति दुनिया के तमाम ताकतवर देशों का रुख बदला है और उन्हें भरोसा है कि भारत इस संकट का समाधान तलाश सकता है। अमन के लिए एक बार फिर भारत पर भरोसा जताया है। अच्छी बात है कि यूक्रेन अब युद्ध का रास्ता छोड़ कर शांति प्रस्ताव के साथ आगे आया है।