हल्द्वानी: आज से शुरू होगी फोर्स की आमद, सुप्रीम फैसले पर टिकी नजर

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Edited By Amrit Vichar
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हल्द्वानी, अमृत विचार। रेलवे की भूमि पर फैले अतिक्रमण को साफ करने का काउंट डाउन शुरू होने वाला है। रेलवे ने 4365 घर चिह्नित किए और सुरक्षा के लिजाह से सोमवार से शहर में फोर्स की आमद शुरू हो जाएगी। पहले दिन सीआरपीएफ की छह कंपनी पहुंचेगी और माना जा रहा है कि 9 जनवरी से अतिक्रमण ढहाने की कार्रवाई शुरू की जा सकती है। इधर, सोमवार को आने वाले सुप्रीम फैसले पर हजारों लोगों की नजर टिकी है।  

पुलिस के मुताबिक रेलवे की जमीन खाली कराने के लिए चार हजार से ज्यादा पुलिस और पैरामिलिट्री फोर्स की जरूरत है। रेलवे भी रेलवे पुलिस फोर्स (आरपीएफ) की दस कंपनी इस काम में लगाएगा। हालांकि आरपीएफ पर रेलवे स्टेशन और रेलवे पटरी की सुरक्षा की जिम्मेदारी ज्यादा है।

पुलिस ने नौ कंपनी आरएफ भी मंगाई। केंद्रीय सशस्त्र बल की 6 कंपनी सोमवार को शहर पहुंच जाएगी। इसमें तीन कंपनी महिलाओं की होगी। इसके अलावा आरपीएफ पुरुष 3 कंपनी, आरपीएप महिला 2 कंपनी, पीएसी और आईआरबी 8 कंपनी, 8 सहायक/अपर पुलिस अधीक्षक, 26 पुलिस उपाधीक्षक, 97 निरीक्षक, 145 उप निरीक्षक, 36 महिला उप निरीक्षक, 93 हेड कांस्टेबल, 1214 कांस्टेबल, 101 यातायात पुलिस, 8 टियर गैस यूनिट, 13 फायर यूनिट, 5 बीडी स्क्वार्ड, 5 डॉग स्क्वार्ड, 6 सैक्सन घुड़ सवार पुलिस, 1 निरीक्षक अभिसूचना इकाई, 5 उनि अभिसूचना, 10 कांस्टेबल अभिसूचना, 500 होमगार्ड्स और 150 पीआरडी जवान लगेंगे। कुमाऊं की तमाम पुलिस के साथ गढ़वाल से भी पुलिस आएगी। जिसमें 50 निरीक्षक और थानाध्यक्ष, 50 उप निरीक्षक पुरुष, 25 उप निरीक्षक महिला, 100 हेड कांस्टेबल, 700 कांस्टेबल, 200 महिला कांस्टेबल, 70 कांस्टेबल टीपी, आठ टियर गैस यूनिट शामिल है।

सूत्रों की हवाले से खबर है कि पिलरबंदी के दिन उमड़ी भीड़ को देखते हुए तय फोर्स की संख्या बढ़ाई जा सकती है।  प्रशासन अतिक्रमण ढहाने की कार्रवाई 9 जनवरी से शुरू कर सकता है। हालांकि हाईकोर्ट के निर्णय के बाद तमाम लोगों ने सुप्रीम कोर्ट में अर्जी लगाई। चूंकि कोर्ट कई दिनों से बंद था, तो अर्जी पर सुनवाई नहीं हो सकी। अब दो जनवरी को सुप्रीम कोर्ट खुलेगी। जिसके बाद यह तय होगी कि अर्जी सुनी जाएगी या खारिज होगी। हालांकि प्रभावित लोग स्टे की उम्मीद लगाए बैठे हैं। 

नोटिस जारी, आज होगी मुनादी
रेलवे ने अतिक्रमणकारियों को नोटिस जारी कर दिया है और सोमवार को अतिक्रमण क्षेत्र में मुनादी कराई जाएगी। लोगों को स्वत: जमीन छोड़ने के लिए सात दिनों को वक्त दिया जाएगा। इस दरम्यान यदि लोग स्वत: अतिक्रमण हटा लेते हैं तो ठीक, अन्यथा प्रशासन ध्वस्तीकरण की कार्रवाई करेगा। 

ओवैसी पार्लियामेंट में उठाएंगे मुद्दा
एआईएमआईएम के प्रदेश अध्यक्ष डॉ.नय्यर काजमी सोमवार को बनभूलपुरा पहुंचे। मुजाहिद चौक पर उन्होंने प्रभावित लोगों से बात की और उन्हें भरोसा दिया। उन्होंने कहा, डरने की जरूरत नहीं है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी आपके साथ हैं। यहां होने वाले हर घटनाक्रम की उन्हें जानकारी है। उन्होंने कहा है कि प्रभावितों को बचाने के लिए हम कोर्ट से लेकर पार्लियामेंट तक इस मुद्दे को उठाएंगे। किसी के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। काजमी के साथ यहां देहरादून से बलजीत सिंह, श्रवण सिंह और सुखदेव सिंह भी पहुंचे थे। 

अराजकता फैलाने वालों को जारी होगा नोटिस
तीन दिन पूर्व बड़ी संख्या में बनभूलपुरा के लोगों ने अपने आशियाने बचाने के लिए कैंडल मार्च निकाला था। योजना के तहत मुजाहिद चौक से शुरू हुए कैंडल मार्च को बुधपार्क तक ले जाना था, लेकिन प्रशासन से कैंडल मार्च की इजाजत नहीं ली गई थी। शहर की तरह जा रहे कैंडल मार्च को पुलिस ने रोक दिया और क्षेत्र में रहने की गुजारिश की। इस दौरान कुछ महिलाओं और युवाओं ने विरोध शुरू कर दिया। खुफिया ने अपनी रिपोर्ट में अराजकता और भड़काऊ बयानबाजी की बात कही है। जिसके बाद पुलिस ने नोटिस जारी करने का फैसला लिया है। 
  
बनभूलपुरा की 24 घंटे रेकी कर रहा खुफिया
आशियाने बचाने के लिए प्रभावित लोग हर मुम्किन कोशिश में जुटे हैं। छोटी-छोटी सभाएं की जा रही है। तमाम संगठनों का भी समर्थन मिल रहा है। एक दर्जन से अधिक लोगों ने सुप्रीम कोर्ट में अर्जी भी लगाई है। इनके सबके बीच खुफिया की टीम 24 घंटे बनभूलपुरा में होने वाले हर घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है। जिसकी हर घंटे की रिपोर्ट आलाधिकारियों तक पहुंचाई जा रही है। हर नेता की कही छोटी-छोटी बात को भी खुफिया अपनी डायरी में दर्ज कर रही है। हालांकि अभी तक बनभूलपुरा में शांतिपूर्ण प्रदर्शन ही किए गए हैं।

सलामती को दुआ में उठे हजारों हाथ
अपने घरों को बचाने के लिए लोग हर संभव कोशिश में लगे हैं। कोर्ट के साथ दुआ का सहारा भी लिया जा रहा है। जिस तरह महिलाओं ने पिलरबंदी के दिन लाइन नंबर 17 में सामूहिक तौर पर अपने खुदा से दुआ मांगी थी। ठीक उसी तरह सोमवार को भी लोग सामूहिक तौर पर सड़क पर आए और आशियाने बचाने की दुआ मांगी। लोग बड़ी संख्या में इस कार्यक्रम में शामिल हुए। लोगों ने 2 जनवरी सुप्रीम कोर्ट में लगी अर्जियों के बाबत दुआ मांगी।   

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