बरेली: जलदूत करेंगे तलाश, फिर लबालब होंगे कुंए
बरेली, अमृत विचार। समय के साथ हजारों कुंओं का वजूद खत्म हो गया लेकिन अब इन्हें तलाश कर फिर पुनर्जीवित करने की योजना तैयार की गई है। इसके लिए जलदूत एप लांच किया गया है जिस पर ग्राम पंचायत सचिव और रोजगार सेवक पाट दिए गए कुंओं की तलाश कर उसकी लोकेशन अपलोड करेंगे। इसके बाद उन्हें पुनर्जीवित करने का काम किया जाएगा। डीडीओ को इस कार्यक्रम का नोडल अफसर बनाया गया है।
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तीन दशक पहले तक ज्यादातर गांवों में पीने के पानी के लिए सबसे ज्यादा कुओं का प्रयोग किया जाता था। जल संरक्षण में भी कुओं का काफी महत्व था लेकिन अब शहर से गांव तक कुएं गुजरे जमाने की बात होकर रह गए हैं। कहीं कुओं पर कब्जा कर लिया गया तो कहीं उन्हें अनुपयोगी मानकर पाट दिया गया। अब नाम मात्र के लिए कुएं बचे हैं। इन्हें फिर नया जीवन देने की पहल शुरु की गई है।
अब कुओं का जल दूत एप के जरिए हिसाब रखा जाएगा। उपायुक्त मनरेगा गंगाराम वर्मा ने बताया कि शासन के आदेश के मुताबिक कुओं को पुनर्जीवित करने के लिए जलदूत एप का सचिव और रोजगार सेवक उपयोग करेंगे। वह मौके पर जाकर कुओं की लोकेशन पता करेंगे। यही नहीं कुएं का व्यास, जलस्तर, प्री और पोस्ट मानसून स्थिति को भी रिकॉर्ड किया जाएगा। कुआं कितना पुराना था, उसे कब पाटा गया। पाटते समय उसमें पानी था या नहीं, यह भी जानकारी एप के जरिए अपलोड की जाएंगी। इसके बाद कुओं को अस्तित्व में लाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
शुद्ध माना जाता था कुएं का पानी
डीसी मनरेगा गंगाराम वर्मा के मुताबिक एक दौर में शुद्ध पानी के लिए हैंडपंप से ज्यादा कुंए पर भरोसा किया जाता था। कुओं का अस्तित्व इसलिए भी खत्म हो गया क्योंकि जहां कुंए थे, वहां कॉलोनियां बना दी गईं। मंदिरों में भी कुओं को बंद कर दिया गया। कुएं का पानी अब कहीं प्रयोग में नहीं लाया जाता है लेकिन भूजल के इस प्राकृतिक स्त्रोत की महत्ता अब भी कायम है।
हजारों को मिलेगा रोजगार
विभागीय अधिकारियों के मुताबिक केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय ने इस एप को बनाया था। इसमें मनरेगा को भी जोड़ा गया है। मनरेगा में कार्य कर रहे रोजगार सेवकों को इसकी जिम्मेदारी दी जाएगी। नेशनल मोबाइल मॉनीटरिंग सिस्टम को यूजर आईडी एवं पासवर्ड सभी को देने के लिए, कहा गया है।
सात सौ से ज्यादा कुंओं की होगी तलाश
ब्लॉक- ग्राम पंचायत- चिन्हित कुएं
बहेड़ी- 23 - 41
भदपुरा- 37 - 101
भोजीपुरा- 19 - 30
भुता- 35 - 79
बिथरी- 15 - 39
दमखोदा- 18 - 38
फरीदपुर- 30 - 60
क्यारा- 16 - 32
मझगवां- 13 - 26
मीरगंज- 11 - 19
नवाबगंज- 31 - 74
रामनगर- 14 - 29
शेरगढ़- 16 - 39
आलमपुर जाफराबाद-43 - 86
फतेहगंज पश्चिमी- 17 - 28
कुल संख्या- 338 - 731
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