Kanpur News: लेदर क्लस्टर में 66 सौ करोड़ रुपये का निवेश होगा, निर्यात से सालाना 13 हजार करोड़ रुपये की आय होगी
Kanpur News कानपुर में लेदर क्लस्टर में 66 सौ करोड़ रुपये का निवेश होगा।
Kanpur News कानपुर में लेदर क्लस्टर में 66 सौ करोड़ रुपये का निवेश होगा। इसमें निर्यात से सालाना 13 हजार करोड़ रुपये की आय होगी। इससे दो लाख लोगों को रोजगार मिलेगा।
कानपुर, [सुमित द्विवेदी]। मेगा लेदर क्लस्टर की स्थापना के लिए ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट से पहले भूमि उद्यमियों को मिल जाएगी। इसके बाद प्रधानमंत्री के हाथों इस प्रोजेक्ट की आधारशिला रखवा कर मेगा लेदर क्लस्टर डेवलपमेंट यूपी लिमिटेड की ओर से वहां विकास कार्य कराए जाएंगे। इस परियोजना में कुल 66 सौ करोड़ रुपये का निवेश होगा।
कुल तीन सौ औद्योगिक इकाई स्थापित होंगी। दो सौ प्लाट आवंटित किए जाएंगे जबकि फ्लैटेड फैक्ट्री में भी सौ उद्योग लगेंगे। इस क्लस्टर की स्थापना के बाद कानपुर से चर्म उत्पादों के निर्यात से हर साल करीब 13 हजार करोड़ रुपये की विदेशी मुद्रा अर्जित होगी।
कानपुर से अभी एक हजार करोड़ रुपये के चर्म उत्पादों का निर्यात किया जाता है। इनमें उन्नाव के उद्योगों की भी भागेदारी है। यहां जाजमऊ और उन्नाव के बंथरा में चर्म उत्पादों से जुड़ी इकाई स्थापित हैं। जब भी प्रयागराज में कुंभ और माघ मेला है। गंगा की शुद्धता के नाम पर टेनरियों को बंद कर दिया जाता है। इससे उद्यमियों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। साथ ही बंथरा और जाजमऊ में अब इकाई स्थापना के लिए जगह भी नहीं है।
ऐसे में इस समस्या के समाधान के लिए ही रमईपुर में 102 हेक्टेयर में मेगा लेदर क्लस्टर की स्थापना की जानी है। इस क्लस्टर के विकास में करीब आठ सौ करोड़ रुपये खर्च होंगे जबकि उद्योगों की स्थापना में 5860 करोड़ रुपये खर्च होंगे। मूलभूत सुविधाओं के विकास के लिए वाणिज्य मंत्रालय से 125 करोड़ रुपये की आर्थिक मदद मिलनी है, जबकि नमामि गंगे मिशन से दो सौ करोड़ रुपये कॉमन इफ्लूएंट ट्रीटमेंट प्लांट की स्थापना के लिए मिलेंगे।
कॉमन फैसिलिटी सेंटर की स्थापना के लिए 50 करोड़ रुपये राज्य सरकार देगी। मेगा लेदर क्लस्टर डेवलपमेंट यूपी लिमिटेड के निदेशक अशरफ रिजवान के मुताबिक यहां लगने वाले उद्योगों से दो लाख से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलेगा। पहले चरण में 5860 करोड़ रुपये के निवेश के लिए उप्र राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण से एमओयू किया गया है।
उप्र राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण के सीईओ मयूर माहेश्वरी का कहना है कि क्लस्टर स्थापना के लिए एमओयू हो चुका है। इसकी स्थापना से औद्योगिक विकास को गति तो मिलेगी ही रोजगार के अवसर भी प्राप्त होंगे।
