हल्दूचौड़: मोटाहल्दू में हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से हाथी की मौत 

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Edited By Amrit Vichar
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हल्दूचौड़, अमृत विचार। हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से युवा हाथी की मौत हो गई। सूचना पर पहुंची वन अधिकारियों की टीम ने पोस्टमार्टम के बाद हाथी के शव को दफना दिया है।

तराई केंद्रीय वन डिवीजन की हल्द्वानी रेंज के अंतर्गत मोटाहल्दू के सूपी भगवानपुर गांव में ग्रामीणों ने मंगलवार की सुबह गन्ने के खेत में हाथी का शव पड़ा देखा। ग्राम प्रधान रमेश जोशी ने इसकी सूचना वन विभाग को दी। सूचना पर डीएफओ वैभव कुमार सिंह व रेंजर यूआर आर्य पशु चिकित्सकों के साथ मौके पर पहुंच गए।

वन अधिकारियों के अनुसार हाथी की उम्र करीब 25 से 30 वर्ष रही होगी। हाथी की सूंड बुरी तरह झुलसी हुई थी। आशंका जताई जा रही है कि सोमवार देर रात या मंगलवार तड़के हाथी जंगल की ओर आवाजाही कर रहा होगा तभी 11 केवी की हाईटेंशन की लाइन की चपेट में उसकी सूंड आ गई और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। 

इधर, ग्रामीणों का आरोप है कि ऊर्जा निगम को कई बार शिकायत की लेकिन हाईटेंशन लाइन को ऊपर नहीं किया गया। हालत यह है कि महज 10 फीट की ऊंचाई से लाइन गुजर रही है, ऐसे में ग्रामीणों को फसल और जान दोनों का खतरा रहता है। फिलहाल वन विभाग ने पोस्टमार्टम के बाद हाथी को दफना दिया है। वन विभाग ने हाथी की मौत के मामले में रिपोर्ट भी दर्ज की है।

डीएफओ वैभव कुमार सिंह ने बताया कि हाथी की मौत के मामले में मुकदमा दर्ज किया जाएगा। जांच की जाएगी कि हाईटेंशन लाइन मानकों के अनुसार है या नहीं। यदि लाइन मानकों के अनुसार ऊंचाई पर नहीं मिलती है तो संबंधित बिजली अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। 

जेई मेहरा ने बताया कि जहां हाथी की मौत हुई है वहां पोल लगाकर बिजली लाइन को ऊंचा किया जाना था लेकिन खेत स्वामी ने मना कर दिया। खेत स्वामी के विरोध की वजह से काम नहीं हो सका। 
 
गजराज की मौत के बाद चेता बिजली विभाग
हाथी की हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से मौत के बाद बिजली विभाग चेत गया है। विभाग ने हाईटेंशन लाइन को ऊंचा करने के लिए एक अन्य पोल लगाकर लाइन को हटाने का काम शुरू कर दिया है ताकि अन्य हाथी चपेट में नहीं आएं। इसकी वजह से पूरे इलाके में बिजली गुल रही। 

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