देहरादून: इंटरनेशनल गैंग का खुलासा, मास्टर माइंड गिरफ्तार
देहरादून, अमृत विचार। एसटीएफ उत्तराखंड और साइबर क्राइम पुलिस ने फर्जी लोन एप के माध्यम से धोखाधड़ी करने वाले इंटरनेशनल गैंग का खुलासा किया है। डीएसपी अंकुश मिश्रा की टीम ने गैंग के मास्टर माइंड अंकुर ढींगरा पुत्र अनिल ढींगरा निवासी मोहन गार्डन, उत्तम नगर नई दिल्ली को गुरुग्राम से गिरफ्तार किया है।
यह गैंग पूरे भारत में 15 एप्स के माध्यम से 300 करोड़ रुपये लोगों को अधिक ब्याज/लोन पर बांटकर लोगों का अवैध वसूली के नाम पर मानसिक उत्पीड़न कर रहा है। गैंग में चीन के चार नागरिकों के नाम भी सामने आए हैं। डीजीपी अशोक कुमार ने इस बड़ी सफलता पर एसटीएफ और साइबर क्राइम पुलिस की पीठ थपथपायी है।
गैंग ऐसे करता है अपराध
एसटीएफ के अनुसार, गिरफ्तार अंकुर पूर्व में कई बार चाइना गया है और उसने चीनी भाषा चाइना में रहकर ही सीखी। उसने हेक्टर लैंड कारो नाम की फर्जी कम्पनी वर्ष 2019-20 में बनायी थी। इस तरह के फर्जी ऑनलाइन लोन एप चीन, हांगकांग से बनाए और संचालित किए जाते हैं।
गैंग द्वारा ऑनलाइन लोन एप का प्रचार-प्रसार चीनी व भारतीय मूल के नागरिकों द्वारा कमीशन देकर कराया जाता है। इनके द्वारा कमीशन के लिए भारत के नागरिकों के माध्यम से कॉल सेंटर खोलकर फोन कॉल करके धमकाया जाता है और अनाधिकृत रूप से पीड़ितों के मोबाइल की कांटेक्ट लिस्ट, फोटो गैलरी का एक्सेस लेकर उनकी अश्लील फोटो बनाकर परिजनों और दोस्तों को भेजी जाती है, जिससे उनका मानसिक शोषण करते हुए अवैध धन की वसूली की जाती है। साथ ही लोगों से बहुत ज्यादा ब्याज दर वसूला जाता है।
बड़ा हिस्सा हवाला चैनल से
बकौल एसटीएफ, ऐसी फर्जी कंपनियां, जो इस तरह के लोन देने में मदद करती हैं, ये सभी कंपनियां अनाधिकृत हैं। अतिरिक्त धन को पुनः परिचालित किया जाता है और अन्य उधारकर्ताओं को अत्यधिक दरों पर दिया जाता है और पैसे का बड़ा हिस्सा हवाला चैनलों के माध्यम से चलाया जाता है। पूर्व मे इस प्रकार के लोन एप प्ले स्टोर पर मौजूद रहते थे किन्तु गूगल द्वारा प्रतिबंध लगाये जाने के बाद साइबर अपराधियो द्वारा आम जनता को अपनी बातों में फंसाकर व्हाट्स एप/एसएमएस एवं अन्य माध्यमो से लोन एप का लिंक भेजकर डाउनलोड कराया जा रहा है।
गैंग का ऐसे हुआ खुलासा
एसएसपी, एसटीएफ आयुष अग्रवाल के अनुसार, लूनिया मोहल्ला, देहरादून निवासी एक व्यक्ति के साथ करीब 17 लाख रुपये की ऑनलाइन लोन एप के माध्यम से साइबर ठगी हुई थी। साइबर क्राइम पुलिस ने इसकी जांच शुरू की तो भारत सरकार के एनसीआरपी पोर्टल पर भी फर्जी लोन एप के माध्यम से धोखाधड़ी का शिकार हुए पीड़ितों की विभिन्न शिकायतें प्राप्त हुईं।
साइबर थाने की उप निरीक्षक रोशनी रावत ने प्रारंभिक जांच के बाद साइबर थाने में अपनी तरफ से 29 दिसंबर 2022 को धारा 109,120 बी,384, 385, 419, 420, 469, 500, 501, 504 भादवि व धारा 43 ए, 66, 66 (सी), 66 (डी) आईटी एक्ट में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। विशेष टीम ने करीब 75-80 फर्जी लोन एप को बंद कराने हेतु कार्यवाही शुरू कराई। फर्जी लोन के नाम पर एसएमएस का प्रयोग कर लगभग 70 एसएमएस हेडर को चिन्हित कर इनके विरुद्ध कार्यवाही करते हुए देश भर में बंद कराने का प्रयास शुरू किया गया।
हत्थे चढ़ा सरगना, चीन के चार नागरिकों के नाम खुले
जांच के बाद 10 दिन में ही विशेष टीम ने गैंग के सरगना अंकुर ढींगरा को उसके गुरुग्राम ऑफिस से गिरफ्तार कर लिया। उसके कब्जे से लैपटॉप, मोबाइल फोन, हार्ड डिस्क व विभिन्न बैको के एटीएम के साथ-साथ डीएल/आरसी/आधार कार्ड/पैन कार्ड/मेट्रो कार्ड भी बरामद हुए। आरोपी को पुलिस कस्टडी रिमांड पर लिया जा रहा है। इसके अलावा इस अभियोग में 5 चीनी नागरिकों, कांग योंगगेंग, मियाओ झांग, वांज्यू ली, ही झेबो और डिफान वांग के नाम सामने आए हैं।
उत्तराखंड में 247 फर्जी लोन एप
एसटीएफ के अनुसार, उत्तराखंड राज्य में 247 फर्जी लोन एप संचालित हैं। गिरफ्तार आरोपी ऑनलाइन लोन देने वाली संदिग्ध शैल कंपनी (हेक्टर लैंडकारो प्रा.लि.) का संचालन करने वाले भारतीय मास्टरमाइंड में से एक है। पकड़ी गयी कम्पनी हेक्टर की 15 एप, रुपी गो, रुपी हियर, लोन यू, क्विक रुपी, पंच मनी, ग्रांड लोन, ड्रीम लोन, कैशमो, रुपीमो, क्रेडिट लोन, लैंडकार, रॉकऑन, होप लोन, लैंड नाऊ, कैश फुल नाम के एप देश भर में प्रकाश में आये हैं।
