बरेली: बसा मिनी उत्तराखंड, पहुंचे छोलिया टीम के कलाकार, आज लगेगा मेला

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Edited By Amrit Vichar
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पदाधिकारियों की ओर से लगातार लिया जा रहा व्यवस्थाओं का जायजा

बरेली, अमृत विचार। कई दिनों से उत्तराखंड की धरा को करीब से देखने का इंतजार कर रहे बरेलीवासियों का इंतजार शुक्रवार को खत्म हो जाएगा। बरेली क्लब में लगने वाले उत्तरायणी मेले की शुक्रवार को औपचारिक शुरुआत की जाएगी। गुरुवार को मेले से संबंधित सभी तैयारियों को पूरा किया गया। इसमें उत्तरायणी जनकल्याण समिति के पदाधिकारियों की ओर से व्यवस्थाओं को बारीकी से देखकर दुरुस्त किया गया। देर शाम को छोलिया टीम के सदस्यों की ओर से नृत्य का अभ्यास किया गया। 

कलाकारों के अनुसार छोलिया नृत्य में 10 से 15 या अधिकतम 20 लोगों की छोलिया टोली बनाई जाती है। लगातार नृत्य से टोली थक न जाए, इसके लिए नृत्य को कुछ देर विराम देकर बीच-बीच में कुमाऊंनी लोकगीतों चांचरी और छपेली के बोल भी गाए जाते हैं। समिति के अध्यक्ष प्रमोद सिंह बिष्ट ने बताया कि मेले में सभी तैयारियों को पूरा कर लिया गया। 

शुक्रवार को तय समय पर मेले की शुरुआत की जाएगी। वहीं, मेले की शुरुआत से पहले शहर में रंगारंग यात्रा निकाली जाएगी। जिसमें तमाम कलाकार अनेकता में एकता का संदेश देंगे। रंगारंग यात्रा की शुरुआत कोतवाली के सामने स्थित अंबेडकर पार्क में विधायक संजीव अग्रवाल की ओर से होगी। जिसके बाद सिविल लाइंस, पटेल चौक, चौकी चौराहा, सर्किट हाउस चौराहा से होते हुए बरेली क्लब मैदान में पहुंचेगी। जहां मुख्य अतिथि के रूप में महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी मेले की औपचारिक शुरुआत करेंगे।

भगत सिंह कोश्यारी करेंगे मेले का उद्घाटन
उत्तरायणी मेले का आज उद्घाटन महाराष्ट्र के राज्यपाल एवं पूर्व सीएम उत्तराखंड भगत सिंह कोश्यारी करेंगे। उनके आगमन का कार्यक्रम दो दिन पहले महाराष्ट्र गर्वर हाउस से जारी हो गया था। वीआईपी अधिकारी राकेश कुमार गुप्ता ने भी कार्यक्रम जारी किया है। जारी कार्यक्रम के अनुसार भगत सिंह कोश्यारी राजकीय विमान से सीएसएमआई एयरपोर्ट मुंबई से 13 जनवरी की दोपहर करीब 12.15 बजे बरेली एयरपोर्ट पहुंचेंगे। यहां से कार के जरिए 12.45 बजे सर्किट हाउस आएंगे। यहां लंच करने के बाद दोपहर करीब 1.35 बरेली क्लब में उत्तरायणी मेले का उद्घाटन करने जाएंगे।

युवा पीढ़ी को उत्तराखंड की संस्कृति से कराएंगे अवगत
उत्तरायणी जन कल्याण समिति के महासचिव दिनेश चंद्र पंत ने बताया कि मेले में युवा पीढ़ी को उत्तराखंड की संस्कृति से अवगत कराने के लिए सांस्कृतिक कार्यक्रम भी कराए जाएंगे। उत्तराखंड संस्कृति, साहित्य, लोक कला, पर्यावरण, शिल्प एवं समाज सेवा आदि के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए सम्मान समारोह भी आयोजित किया जाएगा। स्मारिका का प्रकाशन भी होगा। पूर्व में आयोजित हुए मेलों के अनुसार करीब पांच लाख लोग मेले में पहुंचते हैं। इस बार भी मेले में 150 से अधिक स्टॉल लगाए गए हैं।

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