बरेली: कार्बन फाइनेंस स्कीम से जुड़े 1600 से ज्यादा किसान
वन विभाग और टेरी का लक्ष्य अभी आधा, 10 लाख पेड़ चिन्हित किए
बरेली, अमृत विचार। कार्बन फाइनेंस स्कीम का फायदा किसानों को देने के लिए वन विभाग और टेरी ( उर्जा एवं संसाधन संस्थान) ने प्रक्रिया तेज कर दी है। वन विभाग द्वारा यूकेलिप्टिस, सागौन, पापुलर जैसे पेड़ लगाने वाले किसानों का डेटा एकत्रित किया जा रहा है। कार्बन फाइनेंस स्कीम के तहत इन किसानों को कार्बन क्रेडिट का लाभ दिया जाएगा।
जल्द ही किसानों के खातों में कार्बन क्रेडिट की रकम भी पहुंचने लगेगी। हालांकि टेरी द्वारा निर्धारित किए लक्ष्य से वन विभाग अब भी काफी पीछे है। वन विभाग द्वारा 1600 किसानों के 10 लाख पेड़ों को चिन्हित किया गया। जबकि टेरी ने 20 लाख पेड़ों का लक्ष्य निर्धारित किया है।
दरअसल यूकेलिप्टिस, सागौन, पापुलर जैसे पेड़ सबसे अधिक कार्बन का अवशोषण करते हैं। जिससे हमारा वातारण स्वच्छ होता है। कार्बन फाइनेंस स्कीम के जरिए इन पेड़ों को लगाने वाले किसानों को भुगतान किया जाएगा। जिससे ज्यादा से ज्यादा किसान अपने खेतों में इन पेड़ों को लगाएं। इस स्कीम का पूरा काम टेरी ( उर्जा एवं संसाधन संस्थान) के माध्यम से किया जा रहा है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश में 2070 तक शून्य कार्बन उत्सर्जन का लक्ष्य रखा है। पेड़-पौधे कार्बन के सबसे बड़े अवशोषक हैं। टेरी द्वारा कार्बन फाइनेंस स्कीम चलाई जा रही है। जिसमें बरेली मंडल को भी शामिल किया गया है। इस स्कीम के तहत ऐसे किसान जिन्होंने अपने खेतों और मेढ़ों पर पापुलर, यूकेलिप्टिस, आम और सागौन के पौधों का रोपण वर्ष 2018, 2019, 2020 और 2021 में किया। उनका डेटा निर्धारित फार्म भरवाकर तैयार किया जाएगा।
बाद में कार्बन क्रेडिट स्कीम के तहत अगले 18 माह के अंदर धनराशि का भुगतान कार्बन फाइनेंस स्कीम के माध्यम से किया जाएगा। जिससे किसानों को अतिरिक्त आय होगी। किसानों को 500 रुपये प्रति टन के हिसाब से भुगतान किया जाएगा। खेतों में लगाए गए पेड़ कितना कार्बन अवशोषित कर रहे हैं इस आंकलन के आधार पर भुगतान होगा। आम तौर पर पापुलर और यूकेलिप्टिस का पेड़ पांच साल में तैयार हो जाता है। लगाए जाने से काटे जाने तक समय तक जितना कार्बन अवशोषण होगा उतना भुगतान किया जाएगा। प्रभागीय वनाधिकारी समीर कुमार ने बताया कि अब तक 1600 किसानों के 10 लाख पेड़ चिन्हित किये जा चुके हैं।
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