New Service Manual: इस वजह से सरकारी सेवा से भाग रहे चिकित्सक, अबतक 19 विशेषज्ञ डॉक्टर छोड़ चुके हैं नौकरी

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Edited By Amrit Vichar
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लखनऊ। प्रांतीय चिकित्सा सेवा संवर्ग में चिकित्सकों की कमी लगातार बनी हुई है। इस कमी के पीछे सरकार की नीतियों को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है। बताया जा रहा है कि नये चिकित्सक प्रांतीय चिकित्सा सेवा संवर्ग में आना नहीं चाह रहे हैं। जिसके चलते पहले से काम कर रहे चिकित्सकों को बांध कर रखने की कोशिश की जा रही है। 

यह बातें चिकित्सकों की सेवानिवृत्त की आयु बढ़ाने के मुद्दे के बाद उठने लगी हैं। सरकारी अस्पतालों में काम कर रहे चिकित्सक सेवानिवृत्ती की उम्र बढ़ाने की बात से ही नाराज नजर आ रहे हैं। चिकित्सकों का आरोप है कि उनके सेवानिवृत्त का लाभ समय पर न देना पड़े और हमें बांधकर रखा जा सके। इसलिए इस तरह के मुद्दे उठाये जा रहे हैं। 

पीएमएस पदाधिकारियों की माने तो नई सेवा नियमावली (new service manual) लागू होने के बाद प्रांतीय चिकित्सा सेवा संवर्ग में 397 विशेषज्ञ चिकित्सकों ने ज्वाइन किया था। इनमें से 19 चिकित्सकों ने गोरखपुर में ज्वाइन किया था,लेकिन सभी 19 चिकित्सक अब सेवा छोड़ चुके हैं। इसके पीछे कई तहर की वजहें बताई जा रही है,लेकिन सबसे ज्यादा नीतियों को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है।

दरअसल,शासन की तरफ से महानिदेशक को पत्र भेजकर  प्रांतीय चिकित्सा सेवा संवर्ग में काम कर रहे चिकित्सकों की सेवानिवृत्त की उम्र 70 साल किये जाने का प्रस्ताव दिया था। इस पर पीएमएस पदाधिकारियों ने स्वास्थ्य महानिदेशक को पत्र लिखकर राज्य सरकार को भेजे जाने वाले सुझाव में इन सुझावों को शामिल करने की बात कही है। 

पीएमएस पदाधिकारियों की तरफ से भेजे गये सुझाव में 2020 में लागू की गई सेवा नियमावली को समाप्त कर पुरानी नियमावली लागू करने की मांग की गई है। नये चिकित्सक प्रांतीय चिकित्सा सेवा संवर्ग में आये,इसके लिए सर्विस कंडीशन आर्कषक बनाये जायें। चिकित्सकों का स्थानान्तरण सिर्फ चिकित्सकों के अनुरोध पर हो या फिर प्रशासनिक आधार किया जाये।

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