देहरादून: तब सुषमा स्वराज ने की थी निरस्त करने की मांग 

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Edited By Amrit Vichar
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देहरादून, अमृत विचार। वर्ष 2013 की केदारनाथ त्रासदी के बाद भाजपा की दिवंगत नेत्री सुषमा स्वराज ने उत्तराखंड में गंगा और उसकी सहायक नदियों पर बन रहे सभी बांधों को निरस्त करने की जोरदार मांग की थी।

सोशल मीडिया पर पिछले दिनों वायरल हुए उनके एक वीडियो में लोकसभा में तत्कालीन नेता प्रतिपक्ष के रूप में दिए अपने संबोधन में स्वराज ने कहा था कि गंगा मैया को सुरंग में डाले जाने के कारण उत्तराखंड को आपदाएं झेलनी पड़ रही हैं। जितना चाहे पैसा उन पर खर्च हो चुका हो, लोगों के राहत और पुनर्वास पर होने वाले खर्च से कहीं कम होगा।

इस वीडियो को पूर्व केंद्रीय मंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेत्री उमा भारती ने भी अपने टिवटर हैंडल पर साझा किया है। स्वराज ने अपने संबोधन में यह भी कहा था कि यह केवल एक संयोग नहीं है, मैं सदन को बताना चाहती हूं कि 16 जून 2013 को धारी देवी का मंदिर जलमग्न हुआ, उसी दिन केदारनाथ में जलप्रलय आया और सब कुछ तबाह हो गया।

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