बरेली: ब्लैक स्पॉट को लेकर अफसरों को फिक्र नहीं... संभलकर करें सफर
अधिकांश ब्लाक स्पॉट पर संकेतक, गतिअवरोधक, क्रैश बैरियर समेत अन्य सुरक्षा इंतजाम नदारद दिखे
बरेली, अमृत विचार। बरेली की सड़कें खूनी होती जा रही हैं। गांव के बाहरी इलाके से लेकर देहात तक शहर के नुक्कड़ पर आए दिन हादसे हो रहे हैं। लेकिन सरकारी तंत्र कागज और बैठकों तक सिमट कर रह गया है। यह आलम तब है जब बीत दिनों कमिश्नर संयुक्ता समद्दार ने सड़कों को गड्ढा मुक्त करने में नाकाम निर्माण एजेंसियों को ब्लैक स्पॉट पर सुरक्षा इंतजाम करने के सख्ती निर्देश दिए थे।
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लेकिन हैरत की बात यह है कि जिले में चिह्नित 37 ब्लैक स्पॉटों को लेकर संबंधित विभाग गंभीर नहीं है। रविवार को अमृत विचार की टीम ने हकीकत परखी तो पीडब्ल्यूडी के साथ एनएचएआई भी ब्लैक स्पॉट को सुरक्षित बनाने में नाकाम साबित होते दिखा। ब्लैक स्पॉट की स्थिति आज भी जस की तस बनी हुई है। संकेतक, गतिअवरोधक, क्रैश बैरियर समेत अन्य सुरक्षा इंतजाम नदारद हैं। इतना हीं नहीं ब्लैक स्पॉट पर रात में पर्याप्त दृश्यता के लिए लगाई गईं लाइटें भी खराब हैं।
भीड़ की दृष्टि से संवेदनशील है अस्पताल बाईपास
शेरगढ़- शाही-शेरगढ़ मार्ग पर अस्पताल बाईपास तिराहा पर हमेशा भीड़भाड़ रहती है। जिससे यहां हादसे की आशंका बनी रहती है। इसी तिराहे पर बैंक आफ बड़ौदा की शाखा के साथ ही युवा मंडल स्कूल समेत कई शिक्षण संस्थान हैं। यहां कई बार हादसे हो चुके हैं। यातायात सुरक्षा की दृष्टि से कस्बे वासी मार्ग पर स्पीड ब्रेकर की मांग भी करते आए हैं। कस्बे का टंकी चौराहा,टांडा तिराहा,बाजार रोड तथा अस्पताल बाईपास तिराहा भीड़ की दृष्टि से संवेदनशील माना जाता है।
हादसे में आधा दर्जन से अधिक हुए थे घायल
नवाबगंज- गरगैया गांव के नजदीक नेशनल हाईवे पर ब्लैक स्पॉट से चंद कदम की दूरी पर 5 दिसम्बर को ट्रक व रोडवेज की आमने सामने भिड़ंत में आधा दर्जन से अधिक लोग घायल हो गए थे। इस हाईवे पर सभी तरह के वाहनों की आवाजाही अधिक रहने से मोड़ संवेदनशील हो गया है। इसके बावजूद यह हादसे को रोकने के लिए संकेतक, गतिअवरोधक समेत किसी तरह के कोई खास उपाय नहीं किए गए हैं। यह आलम तब है तब नेताओं के अलावा जिले के तमाम अधिकारी यहां से निकलते रहते हैं।
एक्सीडेंट जोन बना नवदिया तिराहा
बिथरी चैनपुर- बड़े बाईपास के नवदिया झादा तिराहे पर आए दिन हादसे होते रहते हैं। एनएचआई ने इसे ब्लैक स्पॉट में शामिल किया है। इस तिराहे पर अब तक कई जानें जा चुकी हैं। बीते तीन महीने में करीब एक दर्जन से अधिक लोग घायल हो चुके हैं। यहां ओवरब्रिज बनने की अब तक कई संस्थाओं ने मांग की है, लेकिन एनएचएआई के अधिकारी इस ब्लैक स्पॉट को सुरक्षित बनाने में नाकाम साबित होते दिख रहे हैं। रविवार को इस चौराहे पर गतिअवरोधक, क्रैश बैरियर समेत अन्य सुरक्षा इंतजाम नदारद हैं
हादसे के बाद भी नहीं चेत रहे
मीरगंज- एनएचआई क्षेत्र में पड़ने वाले ब्लैक स्पॉट सिंधौली मोड़ पर तिराहा होने से यहां खतरनाक स्थिति बन गई है। जिससे यहां अक्सर लोगों में भ्रम की स्थिति रहती है। कई बार लोग जरा से असवाधानी में हादसे का शिकार हो जाते हैं। इस मोड़ पर बीते साल कई हादसे हुए हैं। अफसरों ने ब्लैक स्पॉट को सुरक्षित बनाने का दावा किया। फिर भी यहां कोई खास उपाय नहीं किए गए हैं। संकेतक समेत किसी तरह की व्यवस्था नहीं होने से वाहन चालक फर्राटा भरते नजर आते हैं।
ब्लैक स्पॉट के साथ ही हुई जर्जर सड़क
फरीदपुर- सड़क जर्जर होने के साथ ही हादसे की आंशका बनी हुई है। इसके साथ ही ब्लैक स्पॉट के आसपास कोई सुधार कार्य नजर नहीं आया है। इस रोड पीडब्ल्यूडी के अधीन है। बीते साल रोडवेज बस और ट्रक की टक्कर में ट्रक चालक की जान चली गई थी। लेकिन इसके बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है। इस रोड पर अक्सर दुर्घटनाएं होती रहती हैं। संबंधित विभाग ने अभी तक कोई संकेतिक बोर्ड नहीं लगाए हैं।
कहां कितने ब्लैक स्पॉट्स
-37 ब्लैक स्पॉट हैं बरेली जिले में
-14 ब्लैक स्पॉट नेशनल हाईवे पर
-15 ब्लैक स्पॉट स्टेट हाईवे पर
-03 ब्लैक स्पॉट बरेली सिटी में
-05 ब्लैक स्पॉट देहात क्षेत्र में
क्या होता है ब्लैक स्पॉट
तीन वर्ष में जिस स्थान पर पांच हादसे होते हैं या फिर दस लोगों की उसी स्थान पर हादसे में मौत हो जाती है तो उस स्थान को ब्लॉक स्पॉट घोषित करने के लिए ट्रैफिक विभाग की ओर से शासन को पत्र लिखा जाता है। शासन जांच के बाद उस स्थान को ब्लैक स्पॉट घोषित कर इसका विवरण आरटीओ व ट्रैफिक विभाग को भेज देता है। ताकि ब्लैक स्पॉट पर होने वाले हादसों पर अंकुश लगाने के लिए विभागीय अधिकारी सजग रहें।
नेशनल हाइवे के ब्लैक स्पाट
बरेली में नेशनल हाइवे पर मयूर वन चेतना केंद्र, नवदिया झादा बिथरी चैनपुर, सिधौली चौराहा मीरगंज अवंतिका पेट्रोल पंप, अनुबिस चौकी के पास मीरगंज, लोहारी चौकी, अहिरौला चौराहा भुता, राघवपुर मोड़, नवाबगंज में धोरेरा चौराहा, गरगैया गांव नवाबगंज, इज्जतनगर में विलय धाम, बारादरी में सेटेलाइट तिराहा, बारादरी में डोहरा मोड़, अहलादपुर लालपुर चौराहा।
ब्लैक स्पॉट स्टेट हाईवे
स्टेट हाईवे पर भमोरा में देवचरा चौराहा, बहेड़ी में लोधीपुर चौराहा, मदनपुर तिराहा, मोहम्मदपुर चौराहा, गुड़वारा विलेज, देवरनिया में रेलवे क्रासिंग, कठर्रा ढाल, सेमीखेड़ा पेट्रोल पंप, रिछा रेलवे स्टेशन, बसुपूरा, कनमन, दमखोदा, मोहनपुर, बिलवा, इज्जत नगर में करमपुर चौधरी।
बरेली शहर और उसके आसपास आठ ब्लैक स्पॉट
बरेली से पीलीभीत बाईपास रोड पर सुरेश शर्मा नगर चौराहा, सौ फुटा रोड पर टी प्वाइंट, मंडी रोड डेलापीर तिराहा, शाही रामपुर चौराहा, दुर्गा पेट्रोल पंप, आनंदपुर विलेज शाही, मिर्जापुर गांव शाही, रानीगंज गांव नवाबगंज बरखन रोड पर ब्लैक स्पाट चिन्हित किये गये हैं।
थाना क्षेत्रवार ब्लैक स्पॉट
इज्जतनगर में सात, बिथरी चैनपुर मे एक, मीरगंज में तीन, भुता में दो, नवाबगंज में तीन, बारादरी में तीन, भमौरा में एक, बहेड़ी में चार, देवरनियां में आठ, शाही में चार और भोजीपुरा में एक ब्लैक स्पॉट है।
लोक निर्माण विभाग के क्षेत्र में आने वाले शीशगढ़ और बहेड़ी में चयनित ब्लैक स्पॉट के अलावा शहर में चार जगहों पर रंगाई पुताई का कार्य जारी है। इसके अलावा कुछ जगहों पर जेब्रा क्रासिंग, काशिंग बोर्ड, स्टाप लाइन आदि के इंतजाम दुरुस्त करने की कवायद चल रही है। जल्द ही पीडब्ल्यूडी विभाग के अधीन सभी ब्लैक स्पॉट पर सुरक्षा के सभी इंतजाम नजर आएंगे---नारायण सिंह, एक्सईन, प्रांतीय खंड पीडब्ल्यूडी विभाग।
एनएचएआई के अधीन ब्लैक स्पॉट पर काम जारी है। इस समय जिले में देवरनियां और नवाबगंज में चिन्हित ब्लैक स्पॉटों पर संकेतक, गतिअवरोधक समेत अन्य सभी सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं। इसी माह कार्य पूरा होने की संभावना है---आकाश दीक्षित, डिप्टी मैनेजर, एनएचएआई।
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