हल्द्वानी: नदियों से निकलने वाले उपखनिज के दाम घटे, निजी पट्टों के बढ़े

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Edited By Amrit Vichar
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हल्द्वानी, अमृत विचार। आखिरकार प्रदेश सरकार ने तीन माह से अधिक इंतजार के बाद नदियों व सरकारी पट्टों से उपखनिज निकासी के मूल्य में कमी और निजी पट्टों के उपखनिज के दामों में बढ़ोत्तरी की है। इस संशोधन के बाद उपखनिज के दाम लगभग एक समान हो गए हैं। 

खनन सचिव डॉ. पंकज पांडेय ने बुधवार को उपखनिज के संशोधित मूल्य की सूची जारी की। संशोधन में, उपखनिज के प्रति कुंतल मूल्य में पहले जिला फाउंडेशन न्यास में रॉयल्टी मूल्य का 25 प्रतिशत शुल्क लिया जाता था इसे घटाकर 15 प्रतिशत कर दिया है। क्षतिपूर्ति में रॉयल्टी का 15 प्रतिशत शुल्क लिया जाता था इसे घटाकर 10 प्रतिशत कर दिया है। इसी तरह वन निगम के लाभांश व परिचालन व्यय में भी कमी की है।

संशोधित मूल्यों के अनुसार नदी के उपखनिज में न्यूनतम 6.66 से अधिकतम 7.21 रुपये की कमी हुई है। सरकारी पट्टों में 3.30 से अधिकतम 4.14 रुपये की कमी और निजी नाप पट्टों व अनुज्ञाओं में 5.70 रुपये की बढ़ोत्तरी हुई है। बता दें, नदियों से उपखनिज निकासी के लिए पंजीकृत वाहन स्वामी लंबे समय से एक प्रदेश एक रॉयल्टी की मांग को बेमियादी हड़ताल पर थे। उनका कहना था कि निजी नाप पट्टों के उपखनिज का मूल्य कम होने से स्टोन क्रशर्स संचालक नदी के बजाय निपी पट्टों के माल को तरजीह दे रहे हैं। इस वजह से अवैध खनन को बढ़ावा मिल रहा और सरकार को राजस्व का नुकसान हो रहा है। इधर, खनन विभाग का कहना है कि संशोधन के बाद उपखनिज चोरी पर खुद ब खुद लगाम कसेगी और नदी से उपखनिज निकासी की मात्रा बढ़ने से राजस्व में वृद्धि होगी।  

आरबीएम के संशोधित मूल्यों की सूची


नदी/पट्टे का नाम      पूर्व मूल्य          नया मूल्य     कमी/वृद्धि
गौला नदी               29.35             22.14         7.14 कमी
कोसी/दाबका नदी     28.38              21.31        7.07 कमी
नंधौर नदी               26.30             19.64         6.66 कमी
जीएमवीएन            19.92              16.62         3.30 कमी
केएमवीएन              20.76              16.62         4.14 कमी
निजी नाप भूमि पट्टे 
एवं सभी अनुज्ञाएं      13.41              19.11         5.70 वृद्धि             
(नोट :- यह सूची रुपये प्रति कुंतल के हिसाब से हैं)


सरकार ने नदी, सरकारी पट्टों व निजी नाप भूमि के पट्टों के उपखनिज के मूल्यों में बदलाव किया है। अब अधिक निकासी होने से राजस्व में वृद्धि होगी। नदी व निजी पट्टों के उपखिनज के दाम लगभग बराबर होने से अवैध खनन पर भी प्रभावी अंकुश लगेगा। 
= राजपाल लेघा, अपर निदेशक, भूतत्व एवं खनिकर्म

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