अयोध्या: भूमि पूजन और तैयारियों को निहार शांत हुई सरयू

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अयोध्या,अमृत विचार। मोक्षदायिनी सरयू मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम की पवित्र जन्म स्थली को छूकर बहती है। राम के कारण ही अयोध्या की पवित्र मिट्टी को स्पर्श करते ही इसे सरयू का नाम मिला। पुराणों उपनिषदों के मुताबिक सदियों से इसका सप्तपुरियों में एक अयोध्या से नाता रहा है। ऐसे में जब सदियों के बाद …

अयोध्या,अमृत विचार। मोक्षदायिनी सरयू मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम की पवित्र जन्म स्थली को छूकर बहती है। राम के कारण ही अयोध्या की पवित्र मिट्टी को स्पर्श करते ही इसे सरयू का नाम मिला। पुराणों उपनिषदों के मुताबिक सदियों से इसका सप्तपुरियों में एक अयोध्या से नाता रहा है।

ऐसे में जब सदियों के बाद एक बार फिर से आराध्य राम के जन्मस्थान पर मन्दिर बनने का अनुष्ठान शुरू हो तो सरयू कैसे शांत रहती। उनको क्लांत तो होना ही था। हृदय में उत्कंठा रही होगी कि कहीं इस शुभ अवसर को लेकर कोई चूक न रह जाए, इसके लिए वह क्लांत हुई और पूरे धैर्य के साथ खतरे के निशान से 78 सेमी ऊपर उठकर तैयारियों और अयोध्या नगरी का अवलोकन किया। उनके चलते कार्यक्रम में खलल न पड़े इसके चलते तैयारियों को निहार शांत हो गईं।

भूमिपूजन कार्यक्रम को लेकर राम नगरी को प्रयागराज कुम्भ की तर्ज पर सजाया संवारा गया था। दीपोत्सव के लिए सरयू तक राम पैड़ी तैयार हुआ था। प्रदेश के मुखिया योगी आदित्यनाथ तैयारियों का जायजा लेने दोपहर बाद पहुंचे लेकिन सरयू ने इसके पूर्व ही सुबह 8 बजे ही खतरे के निशान से 78 सेमी ऊपर उठकर तैयारियों को निहार लिया। इतना ही नहीं खुद को आश्वस्त करने के लिए सरयू शाम 8ः00 बजे तक इसी मुकाम पर ठहरी रही। सरयू के उसका के चलते यह पूजन कार्यक्रम के जश्न में किसी तरह का कोई व्यवधान न पड़े इसके लिए वह शांत होने लगी।

मंगलवार को खतरे के निशान से 72 सेंटीमीटर ऊपर रहकर फाइनल तैयारी ऊपर नजर बनाए रखी तथा खतरे के निशान से ही ऊपर बहकर भूमिपूजन और दीपोत्सव व हर्ष उल्लास कार्यक्रम की साक्षी बनीं। पूर्णरूपेण आत्मसंतोष व संतुष्ट होने के बाद शांत होने लगी। गुरुवार को सरयू का जलस्तर प्रति घंटे एक सेंटीमीटर की रफ्तार से गिर रहा है। केंद्रीय जल आयोग संजय कुमार का कहना है कि सरयू का जलस्तर प्रति घंटे एक सेंटीमीटर की रफ्तार से कम हो रहा है। शाम 5ः00 बजे सरयू का जलस्तर 93.150 मीटर दर्ज हुआ है।

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