बरेली: वारंट तामील न कराने पर इंस्पेक्टर बारादरी कोर्ट में तलब, जानें पूरा मामला
बरेली, अमृत विचार। चेक बाउंस होने के 10 साल पुराने मामले में जारी गैर जमानती वारंट लंबे वक्त बाद भी तामील न कराने पर स्पेशल कोर्ट एनआई एक्ट ने इंस्पेक्टर बारादरी को 1 मार्च को अदालत में पेश होकर स्पष्टीकरण देने का आदेश दिया है।
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इज्जतनगर के कंजादासपुर एयरफोर्स गेट निवासी जमील खान ने पीलीभीत बाईपास निवासी भोजराज सागर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जमील के अधिवक्ता विमल सक्सेना के मुताबिक जमील की भोजराज से जान-पहचान थी। भोजराज ने पीडब्ल्यूडी में चपरासी की नौकरी लगवाने का झांसा देकर 12 फरवरी 2013 को जमील से 6 लाख रुपये लिए थे। नौकरी न लगने पर कई महीने चक्कर लगवाए और फिर जमील को 5.45 लाख रुपये के तीन चेक दिए जो बाउंस हो गए थे।
जमील ने इसके बाद कोर्ट से इंसाफ की गुहार की थी। कोर्ट ने काफी वक्त पहले भोजराज के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया जिसे बारादरी पुलिस ने तामील नहीं कराया। शुक्रवार को कोर्ट ने इस पर नाराजगी जताते हुए इंस्पेक्टर बारादरी को आदेश की अवहेलना पर 1 मार्च को खुद अदालत में पेश होकर स्पष्टीकरण देने का आदेश दिया है।
एसपी हरदोई वारंट तामील कराएं वर्ना अवमानना की कार्रवाई
हत्या और अपहरण के अभियुक्त को वारंट तामील न कराने पर अदालत ने एसपी हरदोई को अवमानना की कार्रवाई करने की चेतावनी दी है।
थाना कोतवाली में वर्ष 2016 में दर्ज हुए हत्या, अपहरण, धोखाधड़ी, आपराधिक षडयंत्र के मामले में हरदोई की देहात कोतवाली के पुरा बहादुरपुर निवासी अभियुक्त पंकज सिंह उर्फ डुडिया को पुलिस गिरफ्तार नहीं कर पाई। अब अपर सत्र न्यायाधीश/त्वरित न्यायालय- प्रथम निर्दोष कुमार ने एसपी हरदोई को पत्र भेजकर आदेश दिया है कि अभियुक्त के जमानतदारों के मुताबिक वह स्थानीय थाने की पुलिस के लिए मुखबिरी करता है।
इस वजह से पुलिस उसके खिलाफ कार्रवाई नहीं कर रही है। कोर्ट ने एसपी को आदेश दिया है कि इस मामले में विशिष्ट अधिकारी नियुक्त कर वारंट तामील कराया जाए वर्ना उनके खिलाफ अवमानना कार्रवाई की संस्तुति हाईकोर्ट भेजी जाएगी।
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