कोरोना संक्रमण के नियंत्रण में लापरवाही बर्दाश्त नहीं: योगी
बरेली, अमृत विचार। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार दोपहर बाद यहां कमिश्नरी सभागार में कोविड-19 की मंडलीय समीक्षा की। बैठक में मुख्यमंत्री ने बरेली, शाहजहांपुर, बदायूं और पीलीभीत के डीएम और सीएमओ और पुलिस अफसरों को साफ निर्देश दिए कि कोरोना संक्रमण के फैलाव की रोकथाम में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। …
बरेली, अमृत विचार। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार दोपहर बाद यहां कमिश्नरी सभागार में कोविड-19 की मंडलीय समीक्षा की। बैठक में मुख्यमंत्री ने बरेली, शाहजहांपुर, बदायूं और पीलीभीत के डीएम और सीएमओ और पुलिस अफसरों को साफ निर्देश दिए कि कोरोना संक्रमण के फैलाव की रोकथाम में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी जनपदों में संक्रमण की रोकथाम के लिए सबको मिलकर संयुक्त प्रयास करना है।
संक्रमितों के इलाज में लापरवाही न बरतने के निर्देश देते हुए सीएम ने कहा है कि जहां भी संक्रमित मिलें, उस क्षेत्र के विधायक को जरूर रिपोर्ट करें। संक्रमण की रोकथाम में जनप्रतिनिधियों का सहयोग लेने को भी कहा।
मुख्यमंत्री ने कमिश्नरी सभागार में करीब दो घंटे जनप्रतिनिधियों और अफसरों के साथ बैठक की। सीएम ने पहले सभी जिलों के जिलाधिकारियों से कोविड-19 संक्रमण पर 10 मिनट तक फीडबैक लिया। इसके बाद चारों जिलों के अफसरों ने अपने जिले की कोविड नियंत्रण की अच्छी तस्वीर पेश करने के लिए सीएम को 10-10 मिनट की पावर प्वाइंट प्रजेंटेशन भी दिखाई। इसमें कोविड-19 मरीज के सर्विलांस के लिए डोर टू डोर सर्वेक्षण, उनका आइसोलेट और क्वांरटाइन करना, भर्ती करके दवाएं उपलब्ध कराना, इंटीग्रेटेड कंट्रोल रूम के जरिए संपर्क बनाए रखने की जानकारी बताई गई।
कोविड कंट्रोल की स्थिति जानने के बाद सीएम ने अफसरों को साफ निर्देश दिए हैं कि संक्रमितों को कोविड अस्पतालों में भर्ती करने के लिए एंबुलेंस का इंतजार न करें। कोविड नियमों का पालन करते हुए उन्हें तत्काल भर्ती कराकर समुचित इलाज की व्यवस्था कराएं।सीएम ने सभी जिलों के अधिकारियों को संक्रमण पर नियंत्रण के लिए संदिग्धों की अधिक से अधिक सैंपलिंग कराने को भी कहा। बैठक में मौजूद रहने वाले अधिकारियों की माने तो मुख्यमंत्री जिलों द्वारा कोविड नियंत्रण के संबंध में दिखाए गए प्रजेंटेशन से संतुष्ट नजर आए। मुख्यमंत्री ने महामारी में रोजगार का ख्याल रखते हुए सभी जिलाधिकारियों से लघु एवं मध्यम उद्यम लगाने का अपडेट लिया।
मुख्यमंत्री ने कितने उद्यम लगाए और उनसे कितना रोजगार सृजन हुआ। इसकी रिपोर्ट भी तलब की। बैठक में जनप्रतिनिधियों ने मंडल में यूरिया का संकट गहराने पर चर्चा की। इस पर सीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बरेली मंडल के किसी भी जिले में यूरिया की कमी नहीं होनी चाहिए। इसके लिए विभागों की जिम्मेदारी तय की जाए। मुख्यमंत्री शुक्रवार दोपहर बाद करीब 2:43 बजे कमिश्नरी सभागार पहुंचे। करीब दो घंटे बैठक लेने के बाद करीब 4:34 बजे सीएम गाजियाबाद जाने के लिए त्रिशूल एयरपोर्ट चले गए।
विकास भवन में सीएम का खौफ, अलर्ट दिखे अफसर
शुक्रवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बरेली पहुंचने के बाद विकास भवन में अफरा तफरी का माहौल रहा। अधिकारी से लेकर कर्मचारी तक रिकार्ड दुरुस्त करते दिखे। मेन गेट से लेकर परिसर तक सफाई व्यवस्था पहले ही दुरुस्त की जा चुकी थी। शुक्रवार सुबह 10 बजे तक कर्मचारी और अधिकारी कुर्सी पर जम गए। देर रात के बाद सुबह से ही मेजों पर फाइलों का निपटाने का काम तेज हो गया। कार्यालयों में पान गुटखा के प्रतिबंध होने की सूचनाएं भी लगवा दी थीं। भूतल और प्रथम फ्लोर के हर कार्यालय के बाहर बार-बार सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने में कर्मचारी जुटे थे।
मुख्यमंत्री की सुरक्षा में चप्पे-चप्पे पर रही पुलिस की नजर
मुख्यमंत्री को एयरफोर्स स्टेशन से कमिश्नरी तक पहुंचने में कोई तकलीफ न हो और कोई अचानक उनकी फ्लीट के आगे न आ जाए। इसके लिए पूरे रास्ते के चप्पे चप्पे पर पुलिस नजर बनाए हुई थी। सड़क किनारे पड़ने वाले रास्तों पर पुलिस पिकेट तैनात कर दी गई। जिसने किसी को भी गली और सड़क से बाहर नहीं आने दिया। सुरक्षा के लिहाज से पांच सेक्टर बांटे गए और हर सेक्टर का प्रभारी सीओ को बनाया गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बरेली आने की जानकारी गुरुवार को मिलने के बाद रात में ही एयरफोर्स गेट से लेकर कमिश्नरी तक पुलिस की ड्यूटियां लगा दी गईं।
खोला गया 883 बटालियन का गेट
मुख्यमंत्री के सेटेलाइट से कमिश्नरी जाने के लिए लंबे समय से बंद हुए 883 बटालियन के गेट को खोल दिया गया। मुख्यमंत्री का काफिला वहां से बाहर निकलने के बाद उसे बंद कर दिया गया और लौटते समय भी सीएम वहीं से निकलते हुए एयरफोर्स तक गए। इसके बाद बटालियन के गेट को फिर से बंद कर दिया गया।
फ्लीट निकलने के बाद घंटों रहा जाम, फंसे रहे वाहन
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के काफिले के आने से पहले और जाने के बाद तक शुक्रवार को करीब दो घंटे शहर जाम से जूझता रहा। इससे लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। सुरक्षा के लिहाज से पुलिस ने मुख्यमंत्री के आने के कारण एयरफोर्स गेट से कमिश्नरी तक रोड से मिलने वाली सड़कों और गलियों को बंद कर दिया था। कहीं-कहीं जाम में एंबुलेंस भी फंस गई। ऐसे में, रोगियों को काफी परेशानी हुई। हालांकि एंबुलेंस चालकों ने किसी तरह रोगियों को अस्पताल तक पहुंचाया।
सीएम से मिलने की जिद पर पुलिस ने पकड़ा, जाने के बाद छोड़ा
सुभाषनगर के कुछ समय पहले नगर निगम ने कार्रवाई करते हुए कुछ संपत्ति पर कार्रवाई की थी। इस बात का विरोध करते हुए उस मामले में जुडे दो लोग चौकी चौराहे पर पहुंच गए और कमिश्नरी में घुसकर सीएम से बात करने की फिराक में लग गए। सीएम के आने से पहले यह बात कोतवाली पुलिस को पता चल गई। इसके बाद पुलिस ने दोनों को रोक लिया। इसपर वह पुलिस से भी अभद्रता करने लगे। इसके बाद पुलिस ने दोनों लोगों को हिरासत में ले लिया और सीएम के जाने के बाद उन्हें शाम को छोड़ दिया गया। इंस्पेक्टर गीतेश कपिल ने बताया कि दो लोग सीएम से मिलने को पहुंचे थे। पुलिस ने उन्हें चौकी में बैठा लिया और शाम को छोड़ दिया गया।
