Chitrakoot: जन-जन के राम रामायण कांन्क्लेव का शुभारंभ, दो दिन होगी प्रभु राम के जीवन प्रसंगों पर चर्चा
Chitrakoot चित्रकूट में राम रामायण कांन्क्लेव का शुभारंभ।
Chitrakoot चित्रकूट में राम रामायण कांन्क्लेव का शुभारंभ। दो दिन प्रभु राम के जीवन प्रसंगों पर चर्चा होगी।
चित्रकूट, अमृत विचार। तीर्थक्षेत्र में शनिवार को जन-जन के राम रामायण कांन्क्लेव का उद्घाटन हुआ। दो दिवसीय कार्यक्रम में विद्वान प्रभु राम के जीवन पर आधारित शिक्षा लोगों को बताएंगे। भजन संध्या के कार्यक्रम होंगे और लोगों को प्रोजेक्टर के माध्यम से भी राम के जीवन प्रसंगों को दिखाया जाएगा।
रामायण मेला परिसर में मंडलायुक्त आरपी सिंह ने इस सम्मेलन का उद्घाटन किया। इस मौके पर पुलिस उप महानिरीक्षक डॉ. विपिन कुमार मिश्रा, जिलाधिकारी अभिषेक आनंद, पुलिस अधीक्षक वृंदा शुक्ला, मुख्य विकास अधिकारी अमृतपाल कौर के साथ तीर्थ क्षेत्र के विभिन्न मठ-मंदिरों के साधु-संत मौजूद रहे।
यह आयोजन आजादी का अमृत महोत्सव के अंतर्गत जिला प्रशासन, पर्यटन विभाग तथा संस्कृति विभाग के संयुक्त तत्वाधान में किया जा रहा है। इसके पूर्व निर्मोही अखाड़ा रामघाट से शोभायात्रा निकाली गई। इस मौके पर अयोध्या शोध संस्थान ने श्रीराम के जीवन पर आधारित चित्र प्रदर्शनी भी लगाई है। महात्मा गांधी चित्रकूट ग्रामोदय विश्वविद्यालय एवं जगद्गुरु रामभद्राचार्य दिव्यांग विश्वविद्यालय के कला संकाय के छात्र-छात्राओं की पेंटिंग भी दर्शनीय हैं। इस मौके पर रामायण चित्र वीथिका पुस्तक का विमोचन भी किया गया।
मंडलायुक्त ने कहा कि यह कार्यक्रम गत वर्ष प्रदेश के 16 शहरों मं् भव्यता से किया गया था। दूसरी कड़ी में रामायण कांन्क्लेव चित्रकूट से प्रारंभ किया जा रहा है, जिसका समापन 25 मार्च को अयोध्या में भव्यता से होगा। उन्होंने कहा कि इस आयोजन से कलाओं को संरक्षित व संरक्षण करने का अवसर मिलेगा। डीआईजी ने कहा कि गोस्वामी तुलसीदास ने जो लिखा है, हमेशा सर्वकालिक रहेगा। दिगंबर अखाड़ा के महंत दिव्यजीवन दास, कामदगिरि प्रमुख द्वार के महंत मदन गोपाल दास आदि संतों ने इस आयोजन की बड़ाई की।
मुख्य विकास अधिकारी अमृतपाल कौर ने सभी का स्वागत किया। अयोध्या शोध संस्थान के निदेशक लवकुश द्विवेदी ने कहा कि इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य अधिक से अधिक युवा पीढ़ियों को प्रतिभाग में जोड़ने का कार्य किया जा रहा है। इस मौके पर क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी अनुपम श्रीवास्तव एवं निदेशक अयोध्या शोध संस्थान ने अतिथियों को रामनामी एवं श्रीफल भेंट किया। संचालन दिव्यांग विश्वविद्यालय के गोपाल मिश्र ने किया। इस मौके पर महंत दीनदयाल दास, महंत राममनोहर दास, रामजन्म दास, महंत भरत दास, संत जी रमन योगी, प्रदीप दास, मोहित दास आदि के अलावा अधिकारी व अन्य लोग मौजूद रहे।
