गोरखपुर: 27 गवाहों की पेशी के बाद मिली मुर्तजा को फांसी, मंदिर में लगाए थे पाकिस्तान परस्त नारे    

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Edited By Amrit Vichar
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गोरखपुर, अमृत विचार। गोरखपुर में गोरखनाथ मंदिर पर हमले में दोषी करार दिए गए अहमद मुर्तजा को फांसी की सजा सुनाई गई है। सोमवार को मामले में एटीएस-एनआईए कोर्ट का बड़ा फैसला सामने आया है। बीते दिनों कोर्ट की ओर से मुर्तजा यूएपीए, देश के खिलाफ जंग छेड़ने और जानलेवा हमले के आरोप में दोषी करार दिया गया था। 27 गवाहों की पेशी के बाद एटीएस-एनआईए कोर्ट इस नतीजे पर पहुंची और सोमवार को दोषी मुर्तजा को फांसी की सजा का ऐलान कर दिया। इससे पहले शनिवार को एनआईए-एटीएस की कोर्ट ने अहमद मुर्तजा को दोषी करार दिया था।

सोमवार को मुर्तजा को सुनवाई के लिए कोर्ट में पेश किया गया था। एटीएस-एएनआई की कोर्ट ने मुर्तजा को फांसी की सजा सुनाई है। बता दें मुर्तजा ने गोरखनाथ मंदिर में घुसकर सुरक्षाकर्मियों पर जानलेवा हमला किया था। 4 अप्रैल को गोरखनाथ चौकी के मुख्य कॉन्स्टेबल विनय कुमार मिश्रा ने मुर्तजा के खिलाफ रिपोर्ट लिखाई थी। वह मंदिर के गेट नंबर एक के सुरक्षा प्रभारी थे।

मुर्तजा ने पीएसी के सिपाही अनिल कुमार पासवान पर हमला कर उनसे हथियार छीनने की कोशिश की थी। अन्य सुरक्षाकर्मी बचाव में आए तो मुर्तजा ने उन पर भी हमला कर दिया। इसके बाद वह हथियार लहराते हुए पाकिस्तान परस्त धार्मिक नारे लगाने लगा था। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। जांच में उसके पास से हथियार, लैपटॉप और उर्दू में लिखी सामग्री बरामद की गई थी।

मामले में डिप्टी एसपी संजय वर्मा ने चार्जशीट दाखिल की थी। एटीएस ने इस मामले में अहमद मुर्तजा को 25 अप्रैल 2022 को विशेष अदालत में पेश किया था और पुलिस कस्‍टडी लेकर रिमांड भी हासिल की थी। सरकार के खर्च पर मुर्तजा के लिए वकील किया गया था।

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