हल्द्वानी: कानूनी धाराओं ने दी राहत, फिलहाल नहीं होगी गिरफ्तारी
हल्द्वानी,अमृत विचार। कब्जा करने वाले ने सरकारी जमीन पर कब्जा किया और इमारत भी खड़ी कर दी। ध्वस्तीकरण का विरोध करने वालों ने विरोध भी जमकर किया। अधिकारियों से नोकझोंक व तोड़फोड़ कर अधिकारियों को बिना कार्रवाई के बैरंग लौटा दिया। बावजूद इसके पुलिस हंगामा करने वालों की गिरफ्तारी नहीं कर सकती, क्योंकि कानून की धाराओं ने उन्हें राहत दी है।
बता दें कि जिन मामलों में सात साल से कम की सजा है, उन मामलों में अब गिरफ्तारी का प्रावधान नहीं है। हालांकि गिरफ्तारी के अलावा आरोपी को केस से जुड़ी हर जहमत झेलनी होती है। बहरहाल, बनभूलपुरा के मामले में भी कुछ ऐसा ही है। नगर आयुक्त पंकज कुमार उपाध्याय की तहरीर पर बनभूलपुरा पुलिस ने पार्षद गुफरान अहमद समेत हाजी मो.इरशाद, सरफराज अहमद, मो.सलीम और अब्दुल वफा के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। पुलिस ने इन सभी पर धारा 147, 149, 186, सार्वजनिक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम 1984 की धारा 2, सार्वजनिक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम 1984 की धारा 3, 332, 336, 353, 379 व 504 के तहत केस दर्ज किया गया है।
फिलहाल तो आरोपियों पर लगाई गई किसी भी धारा में सात साल से अधिक की सजा नहीं है। यानी सात साल से कम की सजा होने पर गिरफ्तारी का प्रावधान भी नहीं है। ऐसे में आरोपी अब पुलिस को बयान दर्ज कराने के साथ कोर्ट में अपना पक्ष रखेंगे। बनभूलपुरा थानाध्यक्ष नीरज भाकुनी ने बताया कि मामले में किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। केस में दर्ज दो सौ अज्ञात लोगों की शिनाख्त की जा रही है।
एक शर्त पर की जा सकती है गिरफ्तारी
हल्द्वानी। जानकारों का कहना है कि ऐसा भी नहीं है कि जिन धाराओं में सात साल से कम की सजा है, उन मामलों में गिरफ्तारी नहीं की जा सकती। पुलिस ऐसे मामलों में गिरफ्तारी कर सकती है, बशर्ते इसका ठोस कारण हो। मसलन, आरोपियों ने जो किया है वो उसकी पुनरावृत्ति कर सकते हैं।
