बांदा: 34 साल बाद दोषी तत्कालीन मालखाना प्रभारी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज
अमृत विचार,बांदा। कार्रवाई के मामले में पुलिस व्यवस्था कितनी सुस्त है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है। थाने से तकरीबन 34 साल से गायब चल रहे कारतूसों का तो पुलिस पता लगा नहीं पाई उल्टा इस संबंध में जांच पूरी होने में ही 32 वर्ष का समय लग गया। रिपोर्ट दर्ज होने के आदेश भी उसके 2 साल बाद दिए गए।
वर्ष 1988 मैं पलानी थाने के मालखाने से 303 बोर के 100 कारतूस गायब हो गए थे। काफी छानबीन के बाद भी जब उन कारतूसों का कुछ पता नहीं चला तो तत्कालीन थाना अध्यक्ष ने रोजनामचा आम में इसका उल्लेख किया। रिपोर्ट तत्कालीन पुलिस अधीक्षक को प्रेषित कर दी। पुलिस अधीक्षक ने थाने से गायब हुए कारतूसों की जांच का दायित्व अपर पुलिस अधीक्षक को सौंपा।
तकरीबन 32 साल बाद यह जांच पूरी हो पाई। अपर पुलिस अधीक्षक ने सितंबर 2021 में जांच रिपोर्ट पुलिस अधीक्षक को सौंपी। जांच रिपोर्ट के आधार पर वर्तमान पुलिस अधीक्षक अभिनंदन ने तत्कालीन मालखाना प्रभारी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के आदेश थाना प्रभारी को दिए हैं। थाना प्रभारी कुलदीप कुमार तिवारी ने तत्कालीन मालखाना प्रभारी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई।
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