गाजियाबाद में नहर में गिरी कार, बरेली के तीन युवक लापता, एक मिला

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बरेली, अमृत विचार। कार से चंडीगढ़ जा रहे बरेली के चार युवकों की कार गाजियाबाद जिले की मसूरी गंग नहर की पटरी से अनियंत्रित होकर नहर में जा गिरी। कार में सवार चार दोस्तों में से पुलिस ने एक दोस्त और कार को निकाल लिया। जबकि तीन का पता नहीं चल सका है। पुलिस व …

बरेली, अमृत विचार। कार से चंडीगढ़ जा रहे बरेली के चार युवकों की कार गाजियाबाद जिले की मसूरी गंग नहर की पटरी से अनियंत्रित होकर नहर में जा गिरी। कार में सवार चार दोस्तों में से पुलिस ने एक दोस्त और कार को निकाल लिया। जबकि तीन का पता नहीं चल सका है। पुलिस व गोताखोरों की टीम तीनों को तलाश कर रही है।

शुक्रवार शाम छह बजे विनोद कुमार निवासी संसार इन्कलेव, पंकज कुमार निवासी बीडीए कॉलोनी करगैना, संजीव कुमार निवासी गंगानगर कॉलोनी बदायूं रोड और कृष्णा वाटिका निवासी आशीष ध्यानी कार से चंडीगढ़ के लिए जा रहे थे। रास्ते में अनियत्रित होकर कार नहर में जा गिर गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने पंकज व कार को निकाल लिया। जबकि आशीष, विनोद और संजीव का देर रात तक पता नहीं लग सका। पुलिस और गोताखोर तीनों को तलाश करने में जुटे हैं।

पंकज ने गाजियाबाद पुलिस को बताया कि वह लोग चंडीगढ़ जा रहे थे। विनोद को गाजियाबाद में रुकना था। क्योंकि उसे वहां से अपना सामान लेकर बरेली आना था। जबकि आशीष, पंकज और संजीव चंडीगढ़ जाने को थे। लेकिन हादसा हो गया। सभी के परिजन गाजियाबाद के लिए रवाना हो गए हैं।

सीने पर पत्थर रखकर समझाते रहे पिता
नहर में कार गिरने के बाद विनोद, संजीव और आशीष का पता नहीं लगा। विनोद और आशीष ध्यान के पिता सेना से रिटायर हो चुके हैं। दोनों में हिम्मत भी वैसी ही है। अमृत विचार की टीम जब विनोद के घर पर पहुंची। तब विनोद के पिता मुकुट बिहारी लाल मिले। उन्होंने बताया कि उनका बेटा अपने दोस्तों के साथ जा रहा था। उसे गाजियाबाद से सामान लाना था। उन्होंने शाम छह बजे घर से रवाना किया। हादसे की सूचना उन्हें विनोद के किसी मीडिया कर्मी दोस्त ने उन्हें फोन से दी। इसी बीच उनके घर से आ रही रोने की आवाज को भी वह शांत कराते। हालांकि उनके सीने में भी डर है कि कहीं बेटा के साथ अनहोनी न हो गई हो। फिर वे हिम्मत के साथ लोगों के सवालों का जबाव दे रहे थे।

विनोद की पत्नी काजल को उसकी मां रामा कुमारी समझा रहीं थी। ऐसा ही हाल आशीष ध्यानी के घर का था। उधर संजीव और पंकज के घर पर कोई नहीं था। सभी लोग गाजियाबाद जा चुके थे। विनोद के पिता ने बताया कि उनके रिश्तेदारों ने नहीं जाने दिया। हालांकि वह गाजियाबाद के लिए शाम को रवाना होगे। विनोद की शादी दो वर्ष पहले हुई थी। वहीं संजीव के दो बच्चे हैं। आशीष की शादी नहीं हुई है।

गाजियाबाद और बरेली में कोहराम
चारों दोस्तों की कार नहर में गिरने की सूचना जैसे ही परिजनों को लगी। वैसे ही उनके परिजन गमजदा हो गए। तुरंत चारों के परिजनों ने कुशल पूछना शुरू कर दिया। वहीं सभी के रिश्तेदार और परिजन बरेली से गाजियाबाद पहुंच गए। गाजियाबाद में एक साथ तीन दोस्तों के लापता होने से हड़कंप मच गया। वहीं चारों युवकों के घर में शुभचिंतकों का तांता लग गया। लोग चारों के परिजनों से फोन करके पूछताछ करते रहे। वहीं परिजनों का रोरोकर बुरा हाल है। सभी ईश्वर से यही कामना कर रहे हैं कि लापता तीनों युवक सही सलामत मिल जाए।

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