मथुरा: बांके बिहारी मंदिर में दम घुटने से तीन श्रद्धालु बेहोश

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Edited By Amrit Vichar
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 माघी पूर्णिमा पर अराध्य के दर्शनों को आए भक्तों को झेलनी पड़ी परेशानी, सुबह से ही मंदिर के बाहर लगी थी भक्तों की भीड़

मथुरा, अमृच विचार। माघी पूर्णिमा पर अपने अराध्य ठाकुर बांके बिहारी के दर्शनों को आए श्रद्धालुओं को मुसीबतों का सामना करना पड़ा। प्रशासन की लचर व्यवस्थाओं के कारण तीन श्रद्धालु दम घुटनेके कारण बेहोश हो गए। आनन-फानन में उन्हें चिकित्सीय सुविधा प्रदान की गई तब जाकर उनके परिवार वालों की सांस में सांस आई।

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रविवार को माघी पुर्णिमा पर दिल्ली, एनसीआर समेत अन्य स्थानों से बांके बिहारी के दर्शन के लिए श्रद्धालु वृंदावन पहुंचे। बताया जाता है कि सुबह से ही श्रद्धालुओं की मंदिर के बाहर काफी भीड़ एकत्रित हो गई। जैसे जैसे दिन बढ़ता गया भीड़ का दबाव भी बढ़ता गया। दोपहर 11 बजे के करीब मंदिर प्रांगण में भीड़ का इतना दबाव बढ़ गया कि लोगों का दम घुटने लगा।

दम घुटने के कारण जबलपुर निवासी 60 वर्षीय रामजी, दिल्ली निवासी शांतिस्वरुप तथा आजमगढ़ निवासी रामचंद्र की हालत खराब हो गई। तीनों के परिजनों ने शोर मचाया तो सुरक्षा में तैनात पुलिस कर्मियों की नजर उन पर पड़ी। पुलिस कर्मियों और मंदिर के सुरक्षा कर्मियों ने बमुश्किल तीनों को मंदिर प्रांगण से बाहर निकाला और चिकित्सक के पास लेकर पहुंचे। यहां चिकित्सकों ने उनका उपचार किया।

चिकित्सकों के उपचार करने के बाद जब उन्हें होश आया तब जाकर उनके परिजनों की सांस में सांस आई। आजमगढ़ निवासी रामचंद्र के पुत्र ने बताया कि भीड़ का दबाव इतना था कि वह काफी प्रयास के बाद भी अपने पिता से दूर हो गया। मंदिर के बाहर भी काफी भीड़ थी। उसने अपने पिता को बेहोशदेखा तो उसके पैरो तले जमीन खिसक गई।

उन्होंने कहा कि यहां पुलिस प्रशासन को उचित व्यवस्था करनी चाहिए। अधिकारियों को पता होता है कि कब कितनी भीड़ आएगी। उसके हिसाब से पुलिसकर्मियों को तैनात करना चाहिए।

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