बरेली: 19 प्रतिशत ने छोड़ा बीएड एंट्रेंस, रामपुर में पकड़ा नकलची
बरेली,अमृत विचार। कोरोना संक्रमण के फैलाव के बीच आयोजित उत्तर प्रदेश बीएड संयुक्त प्रवेश परीक्षा में शिक्षकों की उम्मीदों से अधिक परीक्षार्थी जुटे। बरेली कॉलेज से लेकर अन्य केंद्रों तक सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां उड़ गईं और अधिकांश की स्वास्थ्य स्क्रीनिंग भी नहीं हो पाई। जिले के 30 परीक्षा केंद्रों पर 14,800 अभ्यर्थी पंजीकृत थे। …
बरेली,अमृत विचार। कोरोना संक्रमण के फैलाव के बीच आयोजित उत्तर प्रदेश बीएड संयुक्त प्रवेश परीक्षा में शिक्षकों की उम्मीदों से अधिक परीक्षार्थी जुटे। बरेली कॉलेज से लेकर अन्य केंद्रों तक सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां उड़ गईं और अधिकांश की स्वास्थ्य स्क्रीनिंग भी नहीं हो पाई। जिले के 30 परीक्षा केंद्रों पर 14,800 अभ्यर्थी पंजीकृत थे। इसमें 81 प्रतिशत ने परीक्षा दी। सुबह की पाली में 12,016 उपस्थित रहे, जबकि 2784 अनुपस्थित रहे। वहीं, दूसरी पाली में 12040 उपस्थित और 2760 अभ्यर्थी अनपुस्थित रहे। बरेली में परीक्षा शांतिपूर्वक हुई। रामपुर में एक नकलची पकड़ा गया है।
मार्च के बाद से जिले में यह पहली परीक्षा थी। निर्देश थे कि सोशल डिस्टेंसिंग के दायरे में परीक्षा कराई जाएगी। इसके लिए परीक्षार्थियों को दो घंटे पहले ही केंद्रों पर प्रवेश की अनुमति भी दी गई। बरेली कॉलेज में पांच केंद्र थे। बरेली इंटर कॉलेज भी केंद्र था। इस कारण मुख्य द्वार पर सुबह 7 बजे से छात्र और अभिभावकों की भीड़ जुटना शुरू हुई। गेट पर 9 बजे तक भीड़ भाड़ बनी रही। कोरोना के भय से सहमे शिक्षक परीक्षार्थियों की तलाशी लेने का भी साहस नहीं जुटा पाए।
इसी कारण कई परीक्षार्थी कक्षों तक मोबाइल लेकर पहुंच गए। बाद में शिक्षकों ने उनके मोबाइल बाहर रखवाए गए। परीक्षा छूटने के बाद सोशल डिस्टेंसिंग की सारी व्यवस्थाएं धरी रह गईं। छात्र एक दूसरे से सटकर बाहर निकल रहे थे। रुविवि कैंपस में चीफ प्रॉक्टर प्रोफेसर बृजेश त्रिपाठी, प्रॉक्टर जेएन मौर्य, सुरक्षा प्रभारी सुधांशी द्विवेदी मुख्य द्वार पर ही छात्रों के प्रवेश पत्र चेक कराते रहे।
रुविवि से हाईवे तक रही भीड़
रुविवि कैंपस में तीन परीक्षा केंद्र थे। यहां सुबह सात बजे ही परीक्षार्थी की भीड़ उमड़ आई। मुख्य द्वार से हाईवे तक वाहन खड़े रहे। इससे जाम की भी स्थिति बनी रही। यहां एमबीए का केंद्र परीक्षा भवन में शिफ्ट कर दिया गया। जिससे छात्रों को समस्याएं आईं।
डीएम ने किया बीएड प्रवेश परीक्षा के केंद्रों का निरीक्षण
जिलाधिकारी नितीश कुमार ने रविवार को संयुक्त बीएड प्रवेश परीक्षा 2020 के कई परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण कर वहां की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। डीएम ने परीक्षा केंद्रों में कोविड नियमों का पालन करने संबंधी जानकारी ली। कई सेंटरों पर कोविड नियमों का पालन नहीं मिला। इस पर तत्काल केंद्र प्रभारी से व्यवस्थाएं दुरुस्त कराईं। डीएम ने परीक्षा संपन्न होने के बाद सतर्कता बरतते हुए परीक्षार्थियों को केंद्र से बाहर निकलवाने की व्यवस्था करने के निर्देश दिए।

कैंपस में कैंटीन से राहत, अन्य केंद्रों पर संकट
लाकडाउन के कारण रविवार को बाजार बंद था। सुबह से शाम तक परीक्षा थी। दिन में विद्यार्थी क्या खाएंगे। इसकी चिंता रुविवि की प्रॉक्टोरियल टीम ने कर अस्थायी कैंटीन की व्यवस्था करा दी। अन्य केंद्रों के आस-पास कैंटीन या खाने-पीने की व्यवस्था न होने से छात्र और अभिभावकों को समस्या से जूझना पड़ा।
कोरोना के भय से शिक्षकों ने नहीं ली छात्रों की तलाशी
कोरोना संक्रमण के भय के बीच रविवार को उत्तर प्रदेश बीएड संयुक्त प्रवेश परीक्षा संपन्न हो गई है। हालांकि बीएड परीक्षा की व्यवस्था ने पारदर्शिता का गंभीर प्रश्न छोड़ दिया है। इसलिए क्योंकि संक्रमण से भयभीत शिक्षकों ने छात्रों से दूरी बनाए रखी। यहां तक कि उनकी तलाशी लिए बिना ही कक्षों पर प्रवेश दे दिया गया। बरेली कॉलेज के एक शिक्षक कहते हैं कि संक्रमण का खतरा सभी को है। सोशल डिस्टेंसिंग का पालन भी करना है और अपना बचाव भी। इस स्थिति में कौन शिक्षक परीक्षार्थियों की तलाशी का साहस जुटा पाएगा। तलाशी के लिए शिक्षकों को पीपीई किट समेत अन्य स्वास्थ्य उपकरण उपलब्ध कराए जाते। तब यह संभव होता।
“परीक्षा शांतिपूर्वक हुई है। बरेली में कोई नकलची नहीं मिला। रामपुर में एक नकलची पकड़ा गया।” -डा. सुनीता पांडेय, कुलसचिव-एमजेपी रुविवि व नोडल प्रभारी
परीक्षा देते छात्र की तबीयत बिगड़ी, कोरोना संदिग्ध मान मची खलबली
बीएड संयुक्त प्रवेश परीक्षा के दौरान विष्णु इंटर कॉलेज के एक परीक्षा कक्ष में एक अभ्यर्थी की हालात खराब हो गई। उसे तेज बुखार और खांसी हुई। उसकी यह हालत देख परीक्षा कक्ष में बैठे अन्य अभ्यर्थियों में भी दहशत फैल गई। आनन-फानन में स्वास्थ्य विभाग को फोन किया गया मगर कोई जबाव नहीं मिला। इसके बाद डायल 112 को सूचना दी गई। अभ्यर्थी को कोरोना संदिग्ध मानते हुए उसे परीक्षा कक्ष से बाहर निकाल दिया गया। केंद्र व्यवस्थापक का कहना है कि उसका भाई उसे घर ले गया।
जीआईसी में भी छात्रा की हालत बिगड़ी
बीएड परीक्षा के दौरान जीआईसी के केंद्र पर भर एक छात्रा की तबीयत खराब हो गई। उसने कक्ष निरीक्षक को बताया कि उसके सिर में बहुत तेज दर्द हो रहा है। प्रिंसिपल ने जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ. अशोक कुमार को सूचना दी। उन्होंने तुरंत उसे इमरजेंसी में दिखाने को कहा। मगर उससे पहले कक्ष निरीक्षक ने उसके अभिभावकों से बात करा दी। उसके पिता ने बताया कि छात्रा को कुछ दिन पहले टाइफाइड बना था। इसकी वजह से उसके सिर में दर्द होता है। हालांकि कुछ देर में वह ठीक हो गई।
