चीन की कोशिश
तिब्बत की संस्कृति और धर्म को कुचलने के लिए चीन हर संभव कोशिश कर रहा है। चीन में अल्पसंख्यक तिब्बती समुदाय के करीब दस लाख बच्चों को उनके परिवारों से अलग करके सरकार द्वारा संचालित आवासीय स्कूलों में रखा गया है। चीन सरकार की इस नीति की मंशा तिब्बत के लोगों को सांस्कृतिक, धार्मिक व भाषाई तौर पर जबरन बहुसंख्यक हान संस्कृति में आत्मसात करना है।
संयुक्त राष्ट्र विशेषज्ञों के अनुसार ऐसा प्रतीत होता है कि चीन तिब्बती अस्तित्व मिटाने की कोशिश कर रहा है। समय आ गया है कि भारत को भी चीन से निपटने में तिब्बत के मुद्दे पर अधिक मुखर रुख अपनाना चाहिए। चीन हर संभव कोशिश कर रहा है कि किसी भी तरह से तिब्बत की मूल भाषा और वहां की संस्कृति को पूरी तरह से बदल दे।
साथ ही तिब्बत को चीन की मुख्यधारा में शामिल करने के लिए जबरन अपने नियम थोप रहा है। वास्तविक नियंत्रण रेखा के करीब भारतीय सेना की हर एक गतिविधि पर नजर रखने के लिए चीन पहले से ही तिब्बती युवाओं को जासूसी की ट्रेनिंग दे रहा है। उसने तिब्बती छात्रों को पीएलए में चरणबद्ध तरीके से भर्ती की रूपरेखा भी तैयार की है।
भारतीय सुरक्षा एजेंसियों की नजर, चीन की प्रत्येक गतिविधि पर है और उससे निपटने की पूरी तैयारी भी है। चीन की सेना तिब्बत के युवाओं को सेना में भर्ती करने के बाद अब स्कूली बच्चों पर नजरें जमा रही है। ये सारा घटनाक्रम भारत के लिए बड़ी चुनौती है। भारत-चीन संबंध पहले ही तनावपूर्ण हो चुके हैं। इसलिए इस मुद्दे पर भारत को अपनी सक्रियता एवं सतर्कता बढ़ानी होगी।
50 के दशक में संयुक्त राष्ट्र संघ में ब्रिटेन और कई अन्य देशों ने जोर-शोर से तिब्बत पर चीन के कब्जे का मसला उठाया था। लेकिन चीन ने सुरक्षा परिषद का स्थायी सदस्य होने के नाते इस मुद्दे को कभी उठने नहीं दिया। उसने हमेशा कोशिश की कि किसी भी तरह तिब्बत का मसला संयुक्त राष्ट्र की सुरक्षा परिषद के सामने ही नहीं आए। अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर चीन की आक्रामकता ने तमाम देशों को नाराज ही किया है।
कुल मिलाकर वैश्विक स्तर पर चीन के खिलाफ नाराजगी का माहौल है। ऐसे में भारत को तिब्बत के मुद्दे को आगे लाकर चीन पर ना केवल बड़ी चोट करनी चाहिए बल्कि उसे इसके जरिए दबाव में लाना चाहिए। अगर इस समय तिब्बत का मसला अंतर्राष्ट्रीय स्तर और द्विपक्षीय स्तर पर भारत उठाए तो उसे न केवल अंतर्राष्ट्रीय समर्थन मिल सकता है बल्कि चीन पर एक दबाव भी डाला जा सकता है।
