जामताड़ा का साइबर ठग पुलिस को देता है 3.50 लाख रुपये महीना
बरेली, संजय शर्मा। झारखंड के जामताड़ा जिले में रहने वाले कई साइबर ठग देश भर के लोगों से ठगी करके अकाउंट में ऑनलाइन सेंध लगाते हैं। वे यह साइबर ठगी वहां की पुलिस से मिलीभगत करते अंजाम देते हैं। साइबर ठगी करने वालों को वहां की पुलिस के लिए मोटा पैसा हर महीने देना होता …
बरेली, संजय शर्मा। झारखंड के जामताड़ा जिले में रहने वाले कई साइबर ठग देश भर के लोगों से ठगी करके अकाउंट में ऑनलाइन सेंध लगाते हैं। वे यह साइबर ठगी वहां की पुलिस से मिलीभगत करते अंजाम देते हैं। साइबर ठगी करने वालों को वहां की पुलिस के लिए मोटा पैसा हर महीने देना होता है। इसके बाद न तो उनकी गिरफ्तारी होती है और न ही उनका किसी को पता दिया जाता है।
साइबर अपराध से जुड़े एक ठग का ऑडियो वायरल हुआ है। इसमें वह बता रहा है कि जरूरी नहीं की कि आप उसका लिंक डाउनलोड करें तो ही आपके एकाउंट में सेंध लगेगी। वो आपसे बात करते-करते ही आपके एकांउट से पैसा उड़ा सकता है।
साइबर ठग और उपभोक्ता के बीच हुई बातचीत का एक ऑडियो वायरल हुआ है। इसमें भेद खुलने के बाद उपभोक्ता ठग से बोल रहा है कि ऐसा क्यों करते हो? क्या आपका जमीर कभी यह करने से रोकता नहीं है? इस पर ठग ने बताया कि उसका भी तो काम है। वह और उसके जैसे कई लोग जामताड़ा में बैठकर यहीं काम करते है। उन्हें पुलिस न पकड़े इसलिए वह अकेला पुलिस को 3.50 लाख रुपये महीना देता है। इसके साथ तमाम और लोग हैं, जो पुलिस को मोटा पैसा देते हैं।
ठग ऑडियो में बताता है कि उसकी उम्र अभी 17 साल है और वह महीने पर दो से तीन लाख रुपये कमा लेता है। कभी-कभी लंबा हाथ लगने पर करोड़ों रुपये इधर-उधर हो जाता है। उसने बताया कि वह इसी ठगी से 70 करोड़ रुपये कमा चुका है और अभी 10 करोड़ रुपये और कमाएगा फिर यह काम छोड़ देगा। दोनों के बीच चल रही लंबी बातचीत के दौरान ठग ने उसे बताया कि उसकी इतनी लंबी बात उससे हो गई है, वह चाहे तो उसके एकाउंट से बात करते-करते रुपये उड़ा सकता है। इसके बाद उपभोक्ता ने उससे कहा कि ऐसा मत करना वरना वह तो बर्बाद हो जाएगा तो ठग ने कहा कि नहीं वह उसके साथ ऐसा नहीं करेगा।
इन तरीकों से होती है ठगी
- एटीएम ब्लॉक होने की बात कहकर
- लाटरी जीतने का लालच देकर
- प्ले स्टोर से एप्लीकेशन डाउनलोड करवाकर
- मोबाइल नंबर लकी नंबर में निकलने की बात कहकर
- 10-20 रुपये का ऑनलाइन ट्रांजेक्शन कराने की बात कहकर
- पेटीएम का केवाईसी फार्म भरने की बात कहकर
- एकाउंट में पैसा भेजने की बात कहकर
- गूगल पर फर्जी कस्टमर केयर नंबर डालकर
किसी को अपने एकाउंट की जानकारी न दें, न ही किसी की बातों में आकर कोई एप्लीकेशन फोन में डाउनलोड करें। न ही उनका भेजा लिंक क्लिक करें। जानकारी साझा नहीं होने पर आप ठगी से बच सकते हैं। -शैलेश कुमार पांडेय, एसएसपी
