बरेली: 3 घंटे की जटिल सर्जरी से चीकू को मिला नया जीवन
पशु के हमले में रॉटविलर प्रजाति के कुत्ते के डायाफ्राम फटने से सभी आंतरिक अंग हृदय के पास पहुंच गए थे, सांस लेने में हो रही थी दिक्कत, रेफरल वेटेनरी पॉलीक्लिनिक के वैज्ञानिकों ने किया ऑपेरशन
बरेली, अमृत विचार : पशु के हमले में रॉटविलर प्रजाति का कुत्ता घायल हो गया। उसे सांस लेने में दिक्कत होने लगी। आईवीआरआई के वैज्ञानिकों ने जांच की तो पता लगा कि कुत्ते के डायाफ्राम फट गए हैं, जिससे उसके हृदय पर दबाव बढ़ गया है। इसी वजह से उसे सांस लेने में तकलीफ हो रही है। वैज्ञानिकों ने 3 घंटे की जटिल सर्जरी कर उसकी जान बचा ली।
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शाहजहांपुर के कटरा क्षेत्र के गांव हरियरपुर-सिमरा निवासी अजय सिंह ने बताया कि उनका पालतू कुत्ता चीकू (14 माह) खेत में छुट्टा पशुओं को देखकर उन्हें भगा देता था। शुक्रवार को एक पशु ने उसकी पेट पर लात मार दी, जिससे वह जख्मी हो गया।
उसे सांस लेने में दिक्कत होने लगी। शुक्रवार को स्थानीय पशु चिकित्सकों की सलाह पर अजीत चीकू को लेकर आईवीआरआई पहुंचे। जहां डॉक्टरों ने चीकू का एक्स-रे किया। डॉक्टरों ने पहले डायाफ्रामिक हार्निया समझा, लेकिन अल्ट्रासाउंड होने पर पता चला कि चीकू का डायाफ्राम बाहरी आघात के चलते फट गया है।
रेफरल वेटेनरी पॉलीक्लिनक के प्रभारी डा. अमरपाल, डा. अभिषेक चंद्र सक्सेना, डा. रोहित कुमार ने ऑपरेशन की तैयारी शुरू कर दी। करीब 3 घंटे तक यह जटिल ऑपरेशन चला। चीकू को आर्टीफिशियल रेसपाइरेशन वेंटिलेशन पर रखा गया। प्रभारी डा. अमर पाल के अनुसार डायाफ्राम के फटने से चीकू के आंतरिक अंग जैसे लीवर, तिल्ली अपने स्थान से हटकर हृदय पर पहुंच गए।
जिससे हृदय तक खून ले जाने वाली धमनियों पर दबाव पड़ रहा था। जिससे हार्ट रेट व ऑक्सीजन स्तर लगातार प्रभावित हो रहा था। ऑपरेशन के कुछ ही घंटों के बाद चीकू होश में आ गया। हालांकि अभी उसे चिकित्सकीय निगरानी में आईसीयू में रखा गया। जहां हर घंटे उसका परीक्षण किया जा रहा है। लगभग 48 घंटे बाद स्थिति सामान्य होने पर उसे घर भेज दिया जाएगा।
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