दिल्ली की अदालत ने अल-कायदा के चार आतंकियों को सात साल की सुनाई सजा

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नई दिल्ली। दिल्ली की एक अदालत ने मंगलवार को आतंकी संगठन अलकायदा की शाखा ‘अल-कायदा इन इंडियन सबकॉन्टीनेंट’ (एक्यूआईएस) के चार सदस्यों को देशभर में आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने की साजिश रचने और संगठन के लिए सदस्यों की भर्ती करने के मामले में सात साल से अधिक जेल की सजा सुनाई। उनके अधिवक्ता अकरम खान ने कहा कि विशेष न्यायाधीश संजय खंगवाल ने मौलाना मोहम्मद अब्दुल रहमान कासमी, मोहम्मद आसिफ, जफर मसूद और अब्दुल सामी को सात साल पांच महीने कारावास की सजा सुनाई। 

अधिवक्ता ने कहा कि दोषी पहले ही करीब सात साल तीन महीने जेल में बिता चुके हैं और इस अवधि को सजा का हिस्सा माना जाएगा। अभियोजन पक्ष द्वारा साबित किए गए अपराधों में आजीवन कारावास की अधिकतम सजा का प्रावधान है। इसके पहले न्यायाधीश ने शुक्रवार को एक्यूआईएस के दो अन्य कथित सदस्यों सैयद मोहम्मद जिशान अली और सबील अहमद को इस मामले में रिहा कर दिया था।

दिल्ली पुलिस के विशेष प्रकोष्ठ ने आरोप लगाया था कि कासमी उत्तर प्रदेश में एक मदरसा चलाता था जहां कई विद्याथियों का दाखिला लिया जाता था और वह उन्हें आतंकवादी गतिविधियों के लिए चरमपंथी बनाने का प्रयास करता था। यह भी दावा किया गया था कि मसूद युवाओं में एक्यूआईएस के आतंकी एजेंडे का प्रचार प्रसार कर रहा था और उन्हें आतंकी संगठन में शामिल होने के लिए आकर्षित करता था।

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