Road Accident in Uttarakhand: तेजी से बढ़ता यातायात पड़ रहा जान पर भारी, सामने आए चौंकाने वाले आंकड़े
देहरादून, अमृत विचार। वाहनों की तेज रफ्तार से लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ती है। जिसके आंकड़े दिन व दिन बढ़ते ही जा रहे हैं। सरकार की तरफ से लगातार अंकुश लगाने का प्रयास किया जा रहा है। जिससे सड़क हादसों के आंकड़ों में कमी आ सके। जागरुकता अभियान भी लगातार जारी रहता है फिर भी आंकड़े कम नहीं होते है। यातायात निदेशालय से जारी वर्ष 2022 में हुई सड़क दुर्घटनाओं की रिपोर्ट में चौंकाने वाले आंकड़े सामने आये हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, पिछले वर्ष भारी वाहनों की चपेट में आने से प्रदेश में 480 व्यक्तियों की मौत हुई। इन वाहनों से सालभर में 583 दुर्घटनाएं हुईं।
वहीं, बात करें हल्के वाहन (तीन पहिया और छोटे चार पहिया वाहन) की, इसमें 275 व्यक्तियों के लिए काल साबित हुए और 555 दुर्घटनाएं हुईं। सबसे कम दुर्घटनाएं और मौतें दोपहिया वाहनों से हुई हैं। दोपहिया वाहनों के कारण 299 दुर्घटनाओं में 123 को जान गंवानी पड़ी।
अब एक नजर, वर्ष 2021 और 2022 में हुए हादसों पर डाल लेते हैं। वर्ष 2022 में दोपहिया वाहन से 2 लाख 41 हजार 299, हल्के वाहन से 4 लाख 43 हजार 555, भारी वाहनों से 5 लाख 23 हजार 583 तो वहीं, वर्ष 2022 में कार से 451 दुर्घटनाएं सामने आईं जिनमें से 188 लोगों की मौत हो गई। कार से 451 दुर्घटनाएं सामने आईं जिनमें से 188 लोगों की मौत हो गई।
मोटरसाइकिल से 248 दुर्घटनाएं सामने आईं जिनमें से 96 लोगों की मौत हो गई। ट्रक से दुर्घटनाएं 186 हुईं जिनमें से 146 लोगों ने अपनी जान गंवाई। लोडर से होने वाली सडक दुर्घटनाओं की संख्या 90 रही जिनमें से 75 लोगों ने दम तोड़ दिया। ट्रैक्टर-ट्राली से दुर्घटनाओं की संख्या 79 जिनमें से 61 लोगों ने दम तोड़ा। कैंटर व स्कूटी से दुर्घटनाओं का संख्या बराबर रही लेकिन मौत के आंकड़े में कुछ अंतर रहा, कैंटर और स्कूटी से 29 और 27 लोगों ने अपनी जान गवाई। वहीं, 145 दुर्घटनाओं में पता नहीं चल सका कि ये किस प्रकार से दुर्घटनाएं हुईं हैं।
