अयोध्या: स्कूलों का नहीं बदला कायाकल्प, सरकार की योजना जिले में तोड़ रही दम
टाइल्स तो दूर रंग-रोगन तक नहीं हुआ अभी तक
हैदरगंज / अयोध्या, अमृत विचार। कायाकल्प योजना के अंतर्गत प्राथमिक और जूनियर विद्यालयों की तस्वीर और स्थित को बेहतर बनाने की कवायद भले ही शुरू हो गई है लेकिन कुछ परिषदीय विद्यालय को छोड़कर अधिकतर विद्यालयों में इस योजना को अमलीजामा नहीं पहनाया जा सका है। जिससे स्थिति जस की तस बनी हुई है।
शिक्षा क्षेत्र तारुन में प्राथमिक विद्यालयों की संख्या 119, उच्च प्राथमिक विद्यालय की संख्या 21 सहित कमपोजिट विद्यालय 28 है। जिसमें कक्षा 1 से 8 तक के बच्चे शिक्षा ग्रहण करते हैं। कुल मिलाकर विद्यालयों की संख्या 168 है। पड़ताल के दौरान प्राथमिक विद्यालय खजुरीपुर जाना, प्राथमिक विद्यालय गौरा पछियाना, प्राथमिक विद्यालय पचगवा, प्राथमिक विद्यालय भदार सहित कई दर्जन परिषदीय विद्यालय रंग रोगन की बाट जोह रहे हैं। नौनिहालों के लिए विद्यालयों में बने शौचालयो में टाइल्स नहीं लगा मिला और शौचालय साफ-सुथरे भी नहीं है।
शासन की मंशानुरूप इन विद्यालयों को एकेडमिक विद्यालयों की तरह सवारा जाए लेकिन शिक्षा क्षेत्र के अधिकारियों और कर्मचारियों की लापरवाही के चलते धरातल पर खरा नहीं उतर पाया है। खंड शिक्षा अधिकारी सत्य प्रकाश सिंह ने बताया एक ग्राम पंचायत में लगभग दो-तीन विद्यालय हैं। संबंधित विद्यालयों के ग्राम प्रधान व पंचायत सचिव को जल्द से जल्द काम पूरा कराने का निर्देश दिया गया है। बजट के अभाव में जो विद्यालय छूट रहे हैं उन्हें नए सत्र में शामिल कर पूरा किया जाएगा।
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