SP MLA Irfan Solanki के गिरोह में शामिल होंगे तीन और आरोपी, पुलिस ने गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की शुरू

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Edited By Amrit Vichar
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कानपुर में सपा विधायक इरफान सोलंकी के गिरोह में तीन आरोपी और शामिल होंगे।

कानपुर में सपा विधायक इरफान सोलंकी के गिरोह में तीन आरोपी और शामिल होंगे। पुलिस ने गैंगस्टर के तहत कार्रवाई शुरू की। इसके साथ ही संपत्ति भी जब्त करेंगी।

कानपुर, अमृत विचार। सीसामऊ से सपा विधायक इरफान सोलंकी और उनके भाई रिजवान सोलंकी पर लगातार कार्रवाई का दौर जारी है। विधायक और उनके भाई समेत अन्य आरोपितों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट मामले में पुलिस को तीन और आरोपियों के बारे में पुख्ता सुराग मिले हैं। इन आरोपियों को गिरफ्तार करने के साथ ही इन्हें भी विधायक के गिरोह में शामिल किया जाएगा। सोमवार को विधायक और उनके भाई की बेनामी संपत्ति के जब्तीकरण की कार्रवाई की जानी थी, जो दस्तावेज में कुछ कमियां होने के चलते टाल दी गई।  

विधायक इरफान सोलंकी, उनके भाई रिजवान सोलंकी, हिस्ट्रीशीटर शौकत अली पहलवान, इसराइल आटेवाला और मोहम्मद शरीफ के खिलाफ जाजमऊ थाने में गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। इसी कार्रवाई को आगे बढ़ाते हुए धारा 14 ए में पुलिस ने शौकत पहलवान की पांच फ्लैट और विधायक का हिलाल कंपाउंड सील कर दिया था। जिनकी कीमत 25 करोड़ रुपये आंकी गई थी।

संयुक्त पुलिस आयुक्त आनंद प्रकाश तिवारी ने बताया कि जिन आरोपियों को चिह्नित किया गया है, उन्हें विधायक के गिरोह में शामिल किया जाएगा। उन्होंने बताया कि यह तीनों शातिर वह है जो विधायक के दम पर विवादित जमीनों को औने पौने दामों पर खरीदने के बाद उसे खाली कराते थे, और फिर उस पर इमारत तानकर करोड़ों रुपये कमा रहे हैं। जेसीपी के अनुसार ऐसे सभी लोगों को चिन्हित कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। जो आरोपी इस मामले में गिरफ्तार किए जाएंगे उनकी भी संपत्तियां 14 ए की धारा में जब्त की जाएंगी।

सपा विधायक समेत तीन आरोपियों की अर्जी खारिज 

जाजमऊ थानाक्षेत्र के डिफेंस कालोनी में महिला नजीर फातिमा के प्लॉट पर कब्जा व आगजनी मामले में सपा विधायक इरफान सोलंकी समेत तीन आरोपितों की आरोप मुक्त किए जाने की मांग को विशेष न्यायाधीश एमपीएमएलए कोर्ट सत्येंद्र नाथ त्रिपाठी ने खारिज कर दिया है। साथ ही आदेश दिए हैं, कि 24 फरवरी को आरोप तय करने के लिए फाइल पेश की जाए। विधायक इरफान और उनके भाई रिजवान सोलंकी की ओर से कोर्ट में प्रार्थना पत्र देकर खुद को आरोप मुक्त करने की मांग की गई थी। उनके अधिवक्ता गौरव दीक्षित का तर्क था कि वह घटना के समय मौके पर उपस्थित नहीं थे।

पुलिस ने सीडीआर पेश नहीं की है। जिससे यह साफ हो जाता है, कि वह उस समय कहां थे। वादिनी के बयानों में भी सीधे तौर पर उनका नाम नहीं आया है। वहीं एक अन्य आरोपी मोह्म्मद शरीफ की ओर से दलील दी गई थी कि वह पेंटिग का काम करता है। उसका विधायक जैसे बड़े लोगों से कोई लेना-देना नहीं है। पुलिस ने गुडवर्क के नाम पर उसे आरोपी बनाया है। वहीं, अभियोजन अधिकारी भाष्कर मिश्रा ने इन दलीलों का कड़ा विरोध करते हुए कहा कि आरोपियों के घटना में शामिल होने के सभी साक्ष्य मौजूद हैं। इन साक्ष्यों के आधार पर ही तीनों को आरोपी बनाया गया है। इस पर न्यायालय ने प्रार्थना पत्र खारिज करते हुए आरोप तय करने के आदेश दिए हैं।

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