यूपी का मेगा बजट
उत्तर प्रदेश सरकार ने बुधवार को 6.90 लाख करोड़ रुपये का मेगा बजट पेश किया। इससे पहले 2022 में योगी सरकार का 6.15 लाख करोड़ का बजट पेश हुआ था। बजट में प्रदेश के सभी क्षेत्रों के साथ समाज के हर वर्ग को ध्यान में रखा गया है। छात्रों, अधिवक्ताओं, किसानों, महिलाओं, युवाओं, इंफ्रास्ट्रक्चर और व्यापारियों के लिए बड़े ऐलान किए गए हैं। पूर्वांचल के साथ-साथ धार्मिक पर्यटन को महत्व दिया गया है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि बजट उत्तर प्रदेश के सर्वसमावेशी और समग्र विकास के साथ ही आत्मनिर्भर भारत की तर्ज़ पर आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश की नींव को प्रस्तुत करने वाला है। साथ ही देश की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में स्थापित करने के लिए और प्रधानमंत्री के विजन के अनुरूप उत्तर प्रदेश अगले पांच वर्षों में एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बने उसके लिए नींव का पत्थर साबित होगा। जबकि विपक्ष ने बजट को दिशाहीन बताया है।
उल्लेखनीय है कि यूपी की विकास दर देश की विकास दर से अधिक है। देश की जीडीपी में उत्तर प्रदेश का योगदान आठ प्रतिशत का है। वर्ष 2021-22 में प्रदेश के सकल घरेलू उत्पाद में 16.8 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है जो देश की विकास दर से अधिक रही है। सरकार ने पहली बार मतदाता बन रहे युवाओं को साधने के लिए स्वामी विवेकानंद युवा सशक्तिकरण योजना के तहत बजट में छात्र-छात्राओं को स्मार्टफोन और टेबलेट के लिए 3600 करोड़ का प्रावधान किया है। स्टार्टअप्स के लिए सीड फंड हेतु 100 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। उत्तर प्रदेश सूचना प्रौद्योगिकी एवं स्टार्टअप्स नीति हेतु 60 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।
ग्रामीण क्षेत्रों में युवा उद्यमियों को एग्रीटेक स्टार्ट-अप्स की स्थापना के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से एग्रीकल्चर एक्सीलरेटर फंड के लिए 20 करोड़ रुपये प्रस्तावित हैं। यानि बजट से स्टार्ट अप को बढ़ावा मिलेगा। राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन के अन्तर्गत विभिन्न कार्यक्रमों के संचालन हेतु 12,631 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।
यह ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार की सरकार की मंशा जाहिर करता है। अयोध्या में रामायण विश्वविद्यालय बनाने की भी बात कही गई है। कुल मिलाकर बजट से हर वर्ग को साधने की कोशिश की गई है। सरकार की रणनीति हर वर्ग को साध कर यूपी की राजनीति में भाजपा की पकड़ और मजबूत करने की रही है। कहा जा सकता है कि योजनाओं पर काम होने से रोजगार के नए अवसर बनेंगे। यह कामगारों की आय बढ़ाने वाला साबित होगा। कई योजनाओं के जरिए किसानों को फायदा पहुंचाने का प्रयास किया गया है।
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