हिमाचल में बादल फटने से भारी तबाही, बिजली उत्पादन भी ठप
शिमला। हिमाचल प्रदेश में लगातार हो रही भारी बारिश ने भारी तबाही मचाई है। किन्नौर जिले में तीन से अधिक स्थानों पर बादल फटने और बाढ़ आने से चार पनविद्युत परियोजनाओं से बिजली उत्पादन बंद कर दिया गया है। किन्नौर जिले को जोड़ने वाला राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-पांच दो स्थानों पर अवरूद्ध हो गया है। तांगलिंग …
शिमला। हिमाचल प्रदेश में लगातार हो रही भारी बारिश ने भारी तबाही मचाई है। किन्नौर जिले में तीन से अधिक स्थानों पर बादल फटने और बाढ़ आने से चार पनविद्युत परियोजनाओं से बिजली उत्पादन बंद कर दिया गया है। किन्नौर जिले को जोड़ने वाला राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-पांच दो स्थानों पर अवरूद्ध हो गया है। तांगलिंग पुल भी बह गया है जिससे स्कीबा और आसपास की लगभग 24 पंचायतों का सम्पर्क जिला मुख्यालय से कट गया है।
बारिश से बादल फटने से सेब के बागीचों को भी नुकसान पहुंचा है। कान्नम नामक स्थान पर बाढ़ की चपेट में आने से एक वाहन भी बह गया। जिले के ऊपरी क्षेत्र कानम, मूरंग नाला, तंगलिंग और सांगला घाटी के टोंगतोंगचे नाला में बादल फटने के बाद आई बाढ़ से पनविद्युत परियोजनाओं को बंद करना पड़ा है। सतलुज नदी में अधिक सिल्ट के कारण एक हजार मैगावट की करछम वांगतू, बास्पा नदी पर निर्मित 300 मेगावाट की बास्पा चरण दो, सतलुज नदी पर निर्मित 1500 मेगावाट की नाथपा झाकड़ी और 412 मेगावाट की रामपुर पनविद्युत परियोजनाओं में बिजली उत्पादन बंद कर दिया गया है।
सिल्ट अधिक होने के कारण करछम और नाथपा बांध के द्वार खोल दिए गए हैं। लगातार बारिश और बादल फटने जैसी घटनाओं से सतलुज नदी का जलस्तर बढ़ रहा है। जिला प्रशासन ने नदी के तटीय क्षेत्रों के लोगों को स्तर्क कर दिया है।
उधर शिमला जिला उपायुक्त अमित कश्यप ने बताया कि नाथपा बांध से 1500 क्यूसिक पानी छोड़े जाने के बाद सतलुज नदी का जलस्तर बढ़ेगा ऐसे में उन्होंने लोगों से नदी के किनारे न जाने की अपील की है। भारी बारिश के कारण कांगड़ा जिले के डाडासीबा का स्यूल खड्ड-डुहकी लिंक रोड बह गया। एक साल पहले दो करोड़ रूपये की लागत से बनी यह सड़क अब पूरी तरह गढडों में तबदील चुकी है। राज्य के अनेक स्थानों पर भारी बारिश हो रही है।
राज्य में गत 24 घंटों में गुलेर में 105 मिमी, अम्ब 67, गगल 63, नैनादेवी 47, नगरोटा सूरियां 42, बरठी 37, नादौन और बिलासपुर 35-35, जोगिंदनगर 32, अघर और मेहर 27-27, बल्द्वाडा 24, मंडी और काहू 22-22, देहरागोपीपुर 19 तथा बैजनाथ और पालमपुर में 15-15 मिलीमीटर वर्षा रिकार्ड की गई। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के निदेशक डाॅ मनमोहन सिंह ने बताया कि 17 अगस्त तक पूरे प्रदेश में मौसम खराब बना रहने का पूर्वानुमान जताया है।
शिमला में अधिकतम तापमान 24.0, सुंदरनगर में 33.1, भुंतर में 33.7, कल्पा में 25.2, कांगड़ा 31.7, धर्मशाला में 27.4, उना में 34.2, नाहन में 28.5, सोलन में 30.4, बिलासपुर में 31.5, हमीरपुर में 31.2, चंबा में 32.9, डल्हौजी में 22.0 और केलंग में 27.4 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया।
