बरेली: यह है प्रशासनिक पोंछा... साहब को आंखें दिखाईं तो नप गए, जानिए क्या है पूरा मामला
अपने कक्ष में पोंछा लगवाने पर कलेक्ट्रेट के एक अफसर का हो रहा था विरोध, अब इधर से उधर किए गए चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी
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बरेली, अमृत विचार। अपने कक्ष में पोंछा लगवाने वाले कलेक्ट्रेट के एक साहब का विरोध करने के बाद चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के दिन पहले ही खराब चल रहे थे, अब तीन कर्मचारी सीधे-सीधे नप गए हैं। विरोध की चिंगारी को और हवा न मिले, इसके लिए पोंछा लगाने वाले कर्मचारी समेत इन तीनों की संबद्धता खत्म करके उन्हें मूल तैनाती पर भेज दिया गया है। इसी प्रकरण में नाजिर सदर और पटल प्रभारी को पहले ही हटाया जा चुका है।
कलेक्ट्रेट में एक अफसर ने करीब चार महीने पहले चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी सोहन लाल से अपने कक्ष में पोंछा लगवाया था। यह बात जब दूसरे चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को पता लगी तो मामले ने तूल पकड़ लिया। कर्मचारियों ने न सिर्फ पोंछा लगवाने वाले अफसर का विरोध शुरू कर दिया बल्कि इस मामले में ऊपर तक चिट्ठी भेज दी गई।
इस पर शासन से पत्र जारी हुआ तो मामला और ज्यादा गरमा गया। अफसरों ने एक तरफ चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को मनाने की कोशिश शुरू कर दी तो दूसरी तरफ शक की वजह से बाबुओं पर उनकी भुकृटि टेढ़ी हो गई। पटल प्रभारी को तो हटा ही दिया गया, दूसरे बाबुओं के कामकाज में भी नुक्स निकाले जाने लगे।
पिछले दिनों कलेक्ट्रेट के नाजिर सदर को भी हटाकर मीरगंज भेज दिया गया। अफसरों ने तो इसका कोई कारण स्पष्ट किया नहीं, यह चर्चा जरूर हुई कि उन पर भी इसी प्रकरण में कार्रवाई हुई है। इस बीच चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों का विरोध कुछ ठंडा पड़ते ही अफसरों ने उन्हें भी तगड़ा झटका दे दिया।
कलेक्ट्रेट में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के अटैचमेंट की व्यवस्था को खत्म कर तीन को हाथ के हाथ हटा दिया गया। इनमें सोहनलाल नाम के वह कर्मचारी भी शामिल हैं जिन्हें अफसर ने अपने कक्ष में पोंछा लगाने को कहा था। उन्हें बहेड़ी तहसील में ट्रांसफर किया गया है।
जारी आदेश के मुताबिक सोहन लाल की मूल तैनाती बहेड़ी तहसील की नजारत में ही थी, लेकिन वह कलेक्ट्रेट में संबद्ध थे और सिटी मजिस्ट्रेट के अर्दली के रूप में ड्यूटी कर रहे थे। इसी तरह इंद्रपाल की मूल तैनाती नजारत कलेक्ट्रेट में थी और वह बहेड़ी एसडीएम के अर्दली की ड्यूटी कर रहे थे, अब इनकी संबद्धता भी खत्म कर दी गई है। धर्मपाल सिंह की भी तैनाती कलेक्ट्रेट में थी, लेकिन वह एसडीएम मीरगंज के अर्दली के रूप में ड्यूटी कर रहे थे। वहां से उन्हें कलेक्ट्रेट में तैनात कर दिया।
चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों में नाराजगी मगर फिर भी खामोश
अफसरों के संबद्धता की व्यवस्था खत्म करके तीन कर्मचारियों को उनके मूल तैनाती स्थलों पर भेजने के फैसले से चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों में अंदरखाने नाराजगी का माहौल है। हालांकि पोंछा लगवाने के मामले में अफसर के विरोध का खामियाजा भुगतने के बाद फिलहाल उन्होंने चुप्पी साध ली है। कर्मचारियों का कहना है कि शासन तक मामला पहुंचने के बाद यह कार्रवाई की गई है। जब कोई सुनने वाला ही नहीं है तो वे अब कहां फरियाद करें।
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