सोशल मीडिया का दुरुपयोग
आज इंटरनेट के जरिये लगभग हर व्यक्ति किसी-न-किसी सोशल नेटवर्किंग साइट से जुड़ा है। लोगों को एक-दूसरे के करीब लाने में सोशल मीडिया बड़ी भूमिका निभा रहा है। सोशल मीडिया ने जिस तेज़ी से लोगों के जीवन में पैंठ बनाई है, उसके दुष्परिणाम भी सामने आने लगे हैं | सोशल मीडिया का इस्तेमाल जब हिंसा …
आज इंटरनेट के जरिये लगभग हर व्यक्ति किसी-न-किसी सोशल नेटवर्किंग साइट से जुड़ा है। लोगों को एक-दूसरे के करीब लाने में सोशल मीडिया बड़ी भूमिका निभा रहा है। सोशल मीडिया ने जिस तेज़ी से लोगों के जीवन में पैंठ बनाई है, उसके दुष्परिणाम भी सामने आने लगे हैं | सोशल मीडिया का इस्तेमाल जब हिंसा भड़काने, अफवाहें फैलाने और देश और समाज विरोधी कार्यों के लिए होने लगता है तब समस्या होती है।
मंगलवार शाम को कांग्रेस विधायक के एक रिश्तेदार की ओर से कथित आपत्तिजनक फेसबुक पोस्ट पर पूर्वी बेंगलुरु में हिंसा भड़क उठी। उपद्रवियों की ओर से किए गए पथराव में करीब 60 पुलिसकर्मियों को चोटें आईं। हिंसा के दौरान तीन लोगों की मौत की खबर है। जहां भी हिंसा होती है वहां स्थिति सामान्य होने तक प्रायः इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी जाती हैं, ताकि अफवाहों को बल न मिले| यानि देश के किसी भी कोने में हिंसा होती है तो उसके पीछे किसी-न-किसी रूप में अफवाह फैलाने के लिये सोशल मीडिया का दुरुपयोग अब खुलकर होने लगा है। ऐसी स्थिति में देश के सामाजिक ताने-बाने को बनाए रखना एक बड़ी चुनौती बन गया है। आज देश में सोशल मीडिया के दुरुपयोग को रोकने की आवश्यकता शिद्दत से महसूस की जा रही है।
हालांकि फेसबुक ने साल की दूसरी तिमाही में इंस्टाग्राम से हिंसा मूलक सामग्री और चित्रों सहित वयस्क नग्नता और यौन गतिविधि से संबंधित तस्वीरें व ऐसी चीजें हटा दी हैं। साल की पहली तिमाही में यौन गतिविधियों से संबंधित सामग्रियों की संख्या 81 लाख थी जो दूसरी तिमाही में बढ़कर 1.24 करोड़ तक पहुंच गई थी। साइबर सुरक्षा और सोशल मीडिया के दुरुपयोग का मुद्दा ऐसा है, जिसकी अनदेखी नहीं की जानी चाहिए।
सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से गलत विचारों के साझा करने से देश की आंतरिक सुरक्षा खतरे में पड़ जाती है, ऐसे में इसके खिलाफ कड़ा नियमन करने की आवश्यकता है। परिस्थितियां बिगड़ने पर इंटरनेट पर प्रतिबंध लगा देना कोई समाधान नहीं है। सोशल मीडिया के क्षेत्र में नित नई चुनौतियां उभर रही हैं। साइबर दुनिया के गलत इस्तेमाल पर अंकुश लगाना ज़रूरी है। ऐसे में साइबर अपराधों और हमलों को लेकर काफी सजग रहने की आवश्यकता है। समझना होगा कि सोशल मीडिया कैसे देश के सामाजिक ताने-बाने को प्रभावित कर रहा है? अब पड़ताल करनी होगी कि भारत में सोशल मीडिया के दुरुपयोग लिए वर्तमान कानून पर्याप्त हैं या नहीं?
