Holi 2023 : होली के रंग चेहरे को न कर दें बदंरग, खरीदारी करते समय इन बातों का जरूर रखे ध्यान

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Edited By Amrit Vichar
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Holi 2023 कानपुर में होली के रंग चेहरे को बदंरग ने कर दें।

Holi 2023 कानपुर में होली के रंग चेहरे को बदंरग ने कर दें। रंगों के खेल से आपकी सेहत बेरंग करने की जुर्रत। प्रतिबंधित रंगों को मिलाकर मिलावटखोर खाद्य पदार्थ बेच रहे।

कानपुर, अमृत विचार। Holi 2023 होली त्योहार पर खाद्य पदार्थों को लेकर सावधान हो जाइए। आपकी सेहत से खिलवाड़ करने के लिए मिलावटखोर हानिकारक केमिकल का प्रयोग कर रहे हैं। यहां तक कि खाद्य पदार्थों में प्रतिबंधित रंगों का आकर्षण देकर आपकी सेहत को बेरंग करने की कोशिश की जा रही है। खाद्य विभाग की जांच रिपोर्ट में हैरान कर देने वाले तथ्य सामने आए हैं। पिछले साल होली में लिए गए नमूनों में 42 फीसद और इस वित्तीय वर्ष लिए गए नमूनों में 55 फीसद में पौष्टिकता से खिलवाड़ मिला। इनके खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए अब तक न्यायालय स्तर से डेढ़ लाख से ज्यादा और एडीएम सिटी कोर्ट से पौने तीन करोड़ के करीब का जुर्माना लगाया गया है। 
 
त्योहारों पर घरों में तरह-तरह के व्यंजन बनते हैं। इस वजह से बाजारों से खाद्य पदार्थों की बिक्री बढ़ जाती है। होली में दूध से बने खाद्य पदार्थों का चलन रहता है। खोआ, दूध, मिठाई, गुझिया के साथ ही कचरी, पापड़, नमकीन, चिप्स सहित तमाम चीजें बाजार से खरीदी जाती हैं। त्योहार पर खपत बढ़ने की वजह से व्यापार को बढ़ाने के चक्कर में मिलावटखोर सक्रिय हो जाते हैं और ऐसे खेल कर बैठते हैं, जो सेवन करने वालों के लिए काफी खतरनाक साबित हो सकते हैं।
 
पिछले साल और इस वित्तीय वर्ष में विभाग की ओर से कई कार्रवाई हुईं। इसमें मिस ब्रांड के मामले तो आए ही, साथ ही खाद्य पदार्थों के अधोमानक और उनके असुरक्षित पाए जाने के भी मामलों ने हैरान कर दिया। प्रयोगशाला की जांच में जो परिणाम सामने आए, उसमें ऐसे रंगों का प्रयोग किया गया था, जो सेहत के लिए काफी हानिकारक हैं। इस बार भी छापामारी को लेकर अभियान शुरू होने जा रहा है, लेकिन जरूरी है कि आप पहले से सतर्क रहें, जिससे आपकी सेहत सुरक्षित रहे।

 

जानें किस कोर्ट में कब जाता है मामला

 
एडीएम सिटी : खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की ओर से लिए गए नमूनों को लैब भेजा जाता है। जहां नमूने यदि अधोमानक यानि उनकी पौष्टिकता में कमी व अन्य खाद्य पदार्थ की मिलावट मिलती है तो ये मामले में एडीएम सिटी कोर्ट में जाते हैं।
 
न्यायालय : जिन मामलों में लैब के द्वारा खाद्य पदार्थों में ऐसी मिलावट की पुष्टि होती है, जो हानिकारक होते हैं। यानि प्रतिबंधित रसायन या ऐसी चीज की मिलावट जो आपकी सेहत को बड़ा नुकसान पहुंचा सकते हैं, इनका केस न्यायालय में चलता है।
 

किन खाद्य पदार्थों में मिला हानिकारक रंग

 
केस-1
- शहर के बाजार में खाद्य विभाग द्वारा कचरी के नमूने लिए गए थे। लैब जांच में इसमें रंग मिला पाया गया। विभाग के अनुसार जो रंग मिला, वह प्रतिबंधित है और सेहत के लिए बेहद हानिकारक भी।
 
केस-2
- शहर के बाजार में नमकीन के भी नमूने लिए गए। नमकीन के नमूनों को जांच के लिए लैब भेजा तो इसमें भी ऐसे रंग मिले पाए गए, जो सेहत को बड़ा नुकसान पहुंचा सकते थे।
 
केस-3
- इन दिनों प्रतिदिन और त्योहारों पर अब ज्यादा खपत वाले खाद्य पदार्थों में शामिल टोस्ट में भी मिलावट शुरू कर दी है। बाजार से लिए नमूनों में टोस्ट में भी हानिकारक रसायन व रंग का इस्तेमाल किया गया था।

 

जानें कैसे पकड़ें मिलावट का खेल

 
घना झाग मतलब दूध में डिटर्जेंट
 
- दूध में पांच से दस एमएल का नमूना लेकर समान मात्रा में पानी मिलाएं और खूब हिलाएं। घना झाग मतलब डिटर्जेंट की मिलावट। चिकनी सतह पर दूध की बूंद डालने पर वह सफेद धार छोड़ते हुए रुक-रुक कर आगे बढ़ेगी, जबकि अशुद्ध दूध फौरन बह जाता है।
 
लाल नहीं दिखना चाहिए तेल
 
- तेल का दो एमएल नमूना लेकर उसमें ठोस मक्खन मिलाएं। फौरन नमूना लाल रंग दिखने लगता है तो समझ जाइए कि तेल में ट्राय-आर्थो-क्रेसाइल-फास्फेट (टीओसीपी) की मिलावट है।
 
नीला नहीं होना चाहिए घी-मक्खन
 
- एक कांच की कटोरी में आधा चम्मच घी व मक्खन का नमूना लें। दो से तीन बूंद टिंचर नमक मिलाएं। यदि नमूने का रंग नीला पड़ता है तो समझिये उसमें उबला आलू, शकरकंदी या अन्य स्टार्च की मिलावट है।
 
रंग नहीं छोड़ती है हल्दी
 
- साबुत हल्दी एक कांच के पानी भरे गिलास में डाल दें। मिलावटी हल्दी फौरन रंग छोड़ने लगेगी। पिसी हल्दी जब पानी में डाली जाती है तो वह हल्का रंग छोड़ती है, जबकि मिलावटी हल्दी में तेज रंग छूटता है।
 
घुलना नहीं चाहिए शहद
 
- पानी से भरे एक कांच के पारदर्शी गिलास में शहर की एक बूंद डालें। शहद शुद्ध होगा तो पानी में नहीं घुलेगा, यदि घुला तो इसका मतलब चीनी का घोल मिलाया गया है।
 
गौर से जरूर देंगे मैदा, आटा, रवा
 
- आटा, मैदा, सूजी या रवा की शुद्धता की जांच के लिए जरूरी है कि उसको गौर से देखें। मिट्टी, कीड़े, मकड़ी के जाल, चूहे व खरगोश के बाल और मल की मिलावट को बारीकी से देखकर ही पता किया जा सकता है।
 
लाल धाराओं के साथ नीचे आएगी मिर्च
 
- एक गिलास में पानी लेकर उसमें लाल मिर्च का पाउडर छिड़क दें। लाल धाराओं के साथ मिर्च लाल रंग की धारा बनाते हुए नीचे तल की ओर चली जाएगी तो समझो इसमें रंग मिलाया गया है। लकड़ी का बुरादा मिला है तो वह ऊपर आ जाएगा।
 
खोआ का रंग बताएगा काला काम
 
- खोआ का नमूना लेकर उसमें टिंचर आयोडीन नमक को को मिलाएं। यदि खोआ का रंग काला हो जाता है तो समझ लीजिए उसमें मिलावट है। फैट कम और वजन व मुनाफा बढ़ाने के लिए रिफाइंड, डाल्डा का प्रयोग होता है।

 

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