अयोध्या: सफाई कर्मी कर रहे अफसरों की चाकरी, गंदे पड़े जिले के गांव
वर्तमान में हैं जिले में तैनात हैं 610 सफाई कर्मी
अमृत विचार, अयोध्या। गांवों में सफाई कर्मियों को तैनात करके सफाई व्यवस्था बेहतर बनाने के लिए डेढ़ दशक पहले योजना शुरू की गई थी। इसके बाद भी जिले में 74 ग्राम पंचायतों में अभी भी पद ही खाली पड़े हैं। वहीं सफाई कर्मी अनाधिकृत रुप से अफसरों के यहां चाकरी भी कर रहे हैं। जिसके चलते गांवों की सफाई व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त हो चुकी है। अधिकतर ग्राम पंचायतों में सफाई कर्मियों के न आने की शिकायतें पूरी तरह आम हैं।
जिले भर में 835 ग्राम पंचायतें हैं। इनमें केवल 610 सफाई कर्मचारी ही कार्यरत हैं। बताया जाता है कि काफी संख्या में सफाई कर्मचारी अनाधिकृत तरीके से साहबों के घरों से लेकर दफ्तरों तक में काम कर रहे हैं। वेतन गांव से निकल रहा हैं पर काम दूसरी जगह कर रहे हैं। इसका खामियाजा गांव के लोगों को गंदगी में रहकर चुकाना पड़ता है। गर्मी का मौसम आते ही बीमारी फैलने का खतरा भी मंडराने लगा है। ग्रामीण क्षेत्रों से मिली सूचना के अनुसार अधिकतर तो सफाई कर्मी गांव में आते ही नहीं, जो आते हैं वह भी ब्लाक में हाजिरी लगा कर चले जाते हैं। स्थिति यह है कि गांवों में नालियां भटी पड़ी है और गलियों में कूड़े करकट का ढेर लगा रहता है। विकासखंड तारुन अंतर्गत 97 ग्राम पंचायतों में कभी कभार सफाईकर्मी नजर आते हैं। अधिकतर गांवों में गंदगी का अंबार लगा हुआ है। साफ सफाई ना होने के चलते ग्रामसभा में बनी नालियां चोक हो गई है।
52 गांव चयनित, आधे में ही कूड़ा निस्तारण के हुए इंतजाम
इस वर्ष स्वच्छ भारत मिशन के फेज टू में 52 ग्राम पंचायतें चयनित हैं। इनमें तरल एवं ठोस अपशिष्ट प्रबंधन का कार्य होना है। इसके लिए 31 मार्च तक का समय है। इन चयनित गांवों की आबादी पांच हजार से अधिक है। यहां घरों का गंदा पानी तालाब में जाने से रोकने के लिए शोकपिट बनने हैं। हैंडपंपों के साथ ही व्यक्तिगत घरों के आसपास व सामुदायिक स्तर पर कूड़ा निस्तारण प्रबंधन किया जाना है लेकिन वर्तमान स्थिति में तय समय सीमा पर काम मुश्किल दिखाई दे रहा है।
सफाई व्यवस्था बेहतर करने के लिए पूरे प्रयास किए जा रहे हैं। लगातार सुधार भी हो रहा है। जिन ग्राम पचायतों में सफाई कर्मियों के पद रिक्त हैं उनकी सूचना शासन को भेजी जा चुकी है। चयनित सभी 52 गांवों में फेज टू का काम 31 मार्च तक पूरा हो जाएगा। जिन सफाई कर्मियों के काम न करने की शिकायत मिलती है उन पर कार्रवाई भी की जाती है।
अनीता यादव, मुख्य विकास अधिकारी, अयोध्या ।
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