भ्रष्टाचार बड़ी बाधा

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Edited By Amrit Vichar
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उच्चतम न्यायालय ने शुक्रवार को भ्रष्टाचार को लेकर एक बड़ी टिप्पणी की। शीर्ष अदालत ने कहा कि पैसे की भूख ने भ्रष्टाचार को कैंसर की तरह पनपने में मदद की है।  संविधान की प्रस्तावना में, भारत के लोगों के बीच धन का समान वितरण करके सामाजिक न्याय सुनिश्चित करने का वादा किया गया है, लेकिन यह अभी तक दूर का सपना है। भ्रष्टाचार यदि प्रगति हासिल करने में मुख्य बाधा नहीं भी है, तो निस्संदेह एक बड़ी बाधा जरूर है। संविधान के तहत स्थापित अदालतों का देश के लोगों के प्रति कर्तव्य है कि वे दिखाएं कि भ्रष्टाचार को कतई बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।

गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने आय के ज्ञात स्रोतों से अधिक संपत्ति अर्जित करने के आरोप में राज्य के पूर्व प्रधान सचिव अमन सिंह और उनकी पत्नी के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी को निरस्त कर दिया था। न्यायमूर्ति एस. रवींद्र भट्ट और न्यायमूर्ति दीपांकर दत्ता की पीठ ने उच्च न्यायालय के आदेश को रद करते हुए यह टिप्पणी की है। भारत दुनिया का सबसे बड़ा और परिपक्व लोकतंत्र है, दुनिया की पांचवीं बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर है। इतना सब होने के बाद अगर हमारी सरकारें भ्रष्टाचार-मुक्त शासन नहीं दे पा रही हैं तो यह चिंताजनक बात है।

शर्म की बात है कि हमारे संविधान निर्माताओं के मन में जो आदर्श थे, उनका पालन करने में लगातार गिरावट आ रही है और समाज में नैतिक मूल्यों का ह्रास तेजी से बढ़ रहा है। भ्रष्टाचार जड़ों में गहरा समाया हुआ है। केवल सिस्टम में सुधार से ही भ्रष्टाचार का उन्मूलन संभव नहीं है। इसके लिए लोगों को अपनी मानसिकता में भी परिवर्तन लाना होगा। वास्तव में न तो वह शासन-प्रशासन आम जनता का किसी भी रूप में हित कर सकता है जिसमें भ्रष्टाचार का बोलबाला हो और न ही वह समाज कोई मिसाल पेश कर सकता है जहां रिश्वत के लेन-देन को सामान्य बात माना जाता हो। लेकिन इस पर विचार करने की जरूरत है कि ऐसा क्या किया जाए जिससे भ्रष्टाचार के मामले में आम जनता की सोच-समझ बदले।

सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ भले कितने अभियान चला ले, लेकिन इसे जड़ से खत्म कर पाना बहुत ही दुष्कर काम है। भ्रष्टाचार से लड़ने के लिए ठोस आधारभूत सुधार और मौजूदा कानूनों का व्यापक संशोधन किए जाने की ज़रूरत है। इसके साथ ही व्यवस्था को भी सुधारे जाने की आवश्यकता है, जो कई तरीकों से, भ्रष्टाचार की वास्तविक जननी के तौर पर कार्य करती है।