मुरादाबाद: मदरसे से फारिग हुए 38 तलबा की हुई दस्तारबंदी
मदरसा दारुल उलूम जामेउल हुदा में मुनाकिद हुआ जलसा
मुरादाबाद, अमृत विचार। शहर के मोहल्ला गलशहीद स्थित दारुल उलूम जामेउल हुदा मदरसे में तालिब हासिल करने वाले तलबा की फारिग होने पर दस्तारबंदी की गई।
रविवार को मुनाकिद जलसे में मुख्य अतिथि शहर इमाम सय्यद मासूम अली आजाद व मौलाना खिजर मोहम्मद कश्मीरी रहे। जलसे की शुरूआत कुराने करीम व नात शरीफ से मौलाना कारी अब्दुल खालिक ने की। कुराने करीम की तिलावत के बाद हजरत मौलाना मुफ्ती इकरामुल्लाह और मौलाना उबैदुर रहमान ने जलसे को खिताब किया।
मौलाना खिजर मोहम्मद कश्मीरी ने कहा कि मुसलमान नबी के बताए रास्ते पर चले और कुरानी तालीमात को सीने से लगाकर जिंदगी गुजारे। जिसके बाद मदरसे से फारिग होने वाले तलबा की दस्तारबंदी की गई। जिसमें 18 तलबा दौरा-ए-हदीस, 11 तलबा शोबा-ए-इफ्ता और नौ तलबा दर्जाते हिफ्त से फारिग हुए। जलसे की सदारत मदरसे के मोहतमिम मौलाना मोहम्मद ताहिर कासमी ने की।
इस मौके पर मौलाना अब्दुल हन्नान, हाफिज अब्दुल मालिक, मुफ्ती जावेद अनवर, अलहान जफर मालिक, शमशुल हुदा, मौलाना मोहम्मद जुबैर, नायब शहर इमाम मुफ्ती फहद अली, मौलाना अब्दुल नासिर, मौलाना अल्ताफुर रहमान, मौलाना नईम अहमद, मुफ्ती मोहम्मद लुकमान, कारी अब्दुल खालिक, मौलाना मोहम्मद याहया, मौलाना शाहनवाज, मौलाना अतीकुर रहमान व मौलवी अब्दुल कादिर शामिल रहे।
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