रामनगर: होली पर कार्बेट की दक्षिणी सीमा पर बढ़ाई चौकसी, कर्मचारियों की छुट्टियां भी हुई निरस्त
रामनगर, अमृत विचार। सीटीआर( कार्बेट टाइगर रिजर्व) में बढ़ती बाघो की संख्या को देखते हुए जिम्मेदार अब उनकी ही नही बल्कि वन्य जीवों की सुरक्षा को लेकर सतर्क हो चले है। खास कर कार्बेट की दक्षिणी सीमा पर खास चौकसी बरती जा रही है।
असल मे सीटीआर में बढ़ती बाघो की संख्या जहां पर्यटको को अपनी ओर आकर्षित करती है वही उनकी सुरक्षा भी किसी चुनौती से कम नही है। यही वजह है कि होली पर सभी अधिकारियों व कर्मचारियों के अवकाश रद्द किए जा चुके है। संवेदन शील क्षेत्रो में गश्त करने के साथ साथ रेलवे स्टेशनों, बस स्टॉप पर जगह जगह जांच पड़ताल भी शुरू की गई है।
कार्बेट की दक्षिणी सीमा उत्तरप्रदेश से लगी होने की वजह से गाहे बगाहे शिकारियों की घुसपैठ भी इसी क्षेत्र से होती है। कही ऐसा न हो कि होली का फायदा उठा कर शिकारी कार्बेट के जंगलो में घुस जाए और उनके घुसते ही बाघ, हाथी अथवा अन्य वन्य जीवों के जीवन पर संकट उत्तपन्न हो जाये।
इसी को मद्दे नजर कार्बेट प्रसासन पूरी तरह से चौकस हो चला है। कार्बेट टाइगर रिजर्व के निदेशक डॉ धीरज पांडे ने बताया कि सुरक्षा के लिहाज सेहोली पर विशेष गश्त और फ्लैग मार्च किए जा रहे हैं। विशेषकर दक्षिणी सीमा में चौकसी बढ़ा दी गयी है। इसके अलावा रेलवे स्टेशन , बस स्टेशन आदि की भी चेकिंग की जा रही हैं। क्षेत्र में घुमंतू परिवारों के डेरो पर भी विशेष चौकसी बरती जा रही है।
