जन औषधि दिवस पर बोलीं राज्यपाल आनंदीबेन पटेल- जेनेरिक दवाइयां जनता के बेहतर और सस्ते इलाज के लिए लाभकारी

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लखनऊ। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल की अध्यक्षता में मंगलवार को यहाँ राजभवन के गांधी सभागार में प्रधानमंत्री-भारतीय जन औषधि परियोजना के अंतर्गत पंचम जन औषधि दिवस कार्यक्रम सम्पन्न हुआ। राज्यपाल ने इस अवसर पर कहा कि जेनेरिक दवाइयाँ जनता के बेहतर और सस्ते इलाज के लिए लाभकारी हैं।

 

राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि सम्बोधित करते हुए कहा कि चिकित्सा विभाग स्वास्थय सेवा देने वाला विभाग है। इसलिए यह बेहद महत्वपूर्ण है। अस्पतालों में लोग दर्द और तकलीफ में आते हैं और स्वास्थय लाभ लेकर जाते हैं। उन्होंने कहा कि स्वास्थय सेवाएं गरीब जनता से लेकर हर वर्ग के लोगों को सहज हो इसलिए जेनेरिक दवाइयों की व्यवस्था दी गई, लेकिन कई जगह जन औषधि केन्द्र अस्पतालों से दूर होने के कारण मरीज मंहगी दवाईयाँ लेकर ही अपने घर चला जाता है।

राज्यपाल ने कहा कि जन औषधि केन्द्र अस्पतालों तथा बस स्टैण्ड के नजदीक बनाए जाएं। उन्होंने निर्देश दिया कि अस्पतालों में जन औषधि केन्द्रों का स्थान दर्शाने वाले साइन-बोर्ड भी लगाए जाएं, जिससे मरीज आसानी से केन्द्रों पर पहुँच कर सस्ती दवा प्राप्त कर सके। उन्होंने कार्यक्रम में जन-औषधि केन्द्रों को साफ-सुथरा रखने तथा भण्डारण में नियम-निर्देशों का समुचित ध्यान रखने पर जोर दिया। उन्होंने इसी क्रम में अच्छे स्वास्थय के लिए नियमित योग, समुचित आहार, व्यवस्थित दिनचर्या को भी महत्वपूर्ण बताया।

राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने सम्बोधन में भारत सरकार की कई ऐसी महत्वपूर्ण परियोजनाओं की चर्चा भी की, जिनसे जनता की पेयजल, शौचालय तथा जीवन की अन्य महत्वपूर्ण आवश्यकताओं की पूर्ति हुई है। राज्यपाल ने कार्यक्रम का उद्घाटन मटकी में जलधारा प्रवाहित करके ‘जल संरक्षण‘ के संदेश के साथ किया।

समारोह को सम्बोधित करते हुए प्रदेश के उपमुख्यमंत्री एवं चिकित्सा, स्वास्थय तथा परिवार कल्याण मंत्री ब्रजेश पाठक ने बताया कि राज्य में सर्वाधिक 1450 जन औषधि केन्द्र हैं। उन्होंने कहा कि बीमारी अमीरी-गरीबी नहीं देखती। बीमार मनुष्य विपरीत परिस्थितियों से गुजरता है। जेनेरिक दवाइयाँ बजट के अंदर प्राप्त हो जाती हैं और पूरी तरह असरकारक भी हैं। उन्होंने कहा कि हमारा प्रयास है कि प्रत्येक चिकित्सा इकाई पर जन औषधि केन्द्र स्थापित हो।

समारोह में जेनेरिक दवाइयों के सेवन से स्वास्थय लाभ प्राप्त कर रहे असाध्य बीमारियों से पीड़ित मरीजों ने उपचार से स्वास्थय में सुधार और बजट के अंदर दवा प्राप्त होने से आर्थिक बोझ कम होने के अपने अनुभव भी बताए। मरीजों ने बताया कि उनकी दवाइयाँ जन औषधि केन्द्र पर 50 प्रतिशत से 90 प्रतिशत तक कम दामों पर प्राप्त होने से उनका आर्थिक स्तर पर दबाव कम हो गया है और ये दवाइयाँ अन्य ब्राण्डेड दवाइयों के समान ही असरकारक भी सिद्ध हुई हैं।

डॉ. एस.पी. वर्मा ने जानकारी दी कि कैंसर जैसे अन्य असाध्य रोगों तक की दवाइयाँ जन औषधि केन्द्रों पर बहुत कम दामों में उपलब्ध हैं। उन्होंने बताया कि इन जेनेरिक दवाइयों की निर्धारित मानकों पर गुणवत्ता प्रमाणित होने के बाद बाजार में उपलब्ध कराया जाता है।

कार्यक्रम में राज्यपाल ने जन औषधि पर निर्मित लघु फिल्म का अवलोकन भी किया। इस अवसर पर राज्यपाल प्रमुख सचिव कल्पना अवस्थी, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य प्रमुख सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा, कार्यपालक अधिकारी सहित चिकित्सा के अन्य अधिकारी/कर्मचारी एवं लाभार्थी भी उपस्थित थे।

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