Umesh Pal Murder Case: एसटीएफ और शूटर्स के बीच तू डाल-डाल, मैं पात-पात... माफिया अतीक गैंग के 34 गुर्गे भी रडार पर

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Edited By Amrit Vichar
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राज्य ब्यूरो, लखनऊ, अमृत विचार। प्रयागराज के चर्चित उमेश पाल हत्याकांड में एसटीएफ और शूटर्स के बीच तू डाल-डाल, मैं पात-पात का खेल चल रहा है। स्थिति यह है कि खुफिया सूचना के आधार पर जब एसटीएफ टीम किसी शूटर के ठिकाने पर दबोचने को पहुंचती है तो उसके पहले ही वह फरार हो चुके होते हैं। वजह कुछ और भी हो सकती है, लेकिन एसटीएफ के मुताबिक इस सनसनीखेज वारदात के तकरीबन एक पखवारा गुजरने के बाद भी इनामी शूटर्स पकड़ से बाहर हैं। 

इसमें माफिया अतीक का बेटा असद, गुड्डू मुस्लिम, गुलाम, साबिर और अरमान शामिल हैं। सभी पर पुलिस ने ढाई-ढाई लाख रुपए का इनाम रखा है। एसटीएफ सूत्रों के मुताबिक इन शूटरों का लोकेशन अलग-अलग मिल रहा है, लेकिन टीम के पहुंचने के ही वह ठिकाना बदल चुके होते हैं। 

शुरूआत में लोकेशन बिहार, पूर्वांचल और पश्चिमी उप्र. में मिली। फिर नेपाल व मध्य प्रदेश, उसके बाद आसाम व कोलकाता में मिली। एसटीएफ टीम पहुंची भी, लेकिन खाली हाथ लौटना पड़ा। अब माफिया अतीक के बेटे असद के गुजरात और मुम्बई में शरण लेने की खबर है। इसी तरह अन्य शूटरों में कुछ का अभी भी पश्चिमी उप्र में लोकेशन मिल रहा है। इन असफलताओं के बीच एसटीएफ की सक्रियता लगातार तेज होती जा रही है।

इस दौरान, माफिया अतीक गैंग की कमर तोड़ने के लिए उसके 34 गुर्गों की सूची तैयार कर उन्हें रडार पर लिया गया है। इलेक्ट्रानिक सर्विलांस की मदद से जल्द ही इन फरार शूटरों के गिरेबां तक एसटीएफ के हाथ पहुंचने की बात कही जा रही है। इस दिशा में अतीक गैंग से परोक्ष-अपरोक्ष रुप से जुड़े बदमाशों, उनके नाते-रिश्तेदारों से लगातार पूछताछ भी की जा रही है।

भयावह थी वो शाम
प्रयागराज शहर के निवासियों के लिए 24 फरवरी की शाम भयावह थी, सनसनीखेज भी। उस दिन असलहों व बमों से लैस हमलावरों ने सरेराह हमला कर उमेश पाल और उनके दो सरकारी गनर की हत्या कर दी थी। यह घटना प्रदेश की कानून-व्यवस्था के लिए बड़ी चुनौती रही। यह वारदात माफिया अतीक गैंग की कारस्तानी मानी गई। उमेश पाल की पत्नी में इस मामले में अतीक, उसके भाई, पत्नी, बेटों समेत नौ के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। 

मुख्यमंत्री ने इस घटना को काफी गंभीरता से लिया और भरे सदन में माफिया को मिट्टी में मिलाने का एलान कर दिया। उसके बाद तो प्रयागराज की पुलिस के अलावा एसटीएफ की पूरी टीम जुट गई है। अभी तक पुलिस दो आरोपियों अरबाज और विजय चौधरी उर्फ उस्मान को अलग-अलग एनकाउंटर में ठिकाने लगा चुकी है। तीन घरों पर बुलडोजर भी चल चुका है।

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