लखनऊ: बदल सकता है मौसम का मिजाज, गेहूं व जौ की फसल को खतरा 

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Edited By Amrit Vichar
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आईसीएआर ने किसानों को किया सचेत, मौसम देख कर करें सिंचाई

लखनऊ, अमृत विचार। भारतीय गेहूं और जौ अनुसंधान संस्थान (आईसीएआर) ने अचानक मौसम के बदलाव की संभावना जताई है। उत्तर भारत के अधिकांश स्थानों पर अधिकतम तापमान 27.4 से 34.9 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 13.0 से 17.7 डिग्री सेल्सियस के बीच रहेगा। जो गेहूं व जौ की फसलों के लिए अनुकूल रहेगा लेकिन, 15 मार्च के बाद मौसम करवट लेगा। जो गेहूं व जौ उत्पादक वाले क्षेत्रों के लिए नुकसानदायक साबित होगा। जहां, हल्की व भारी बारिश की पूर्वानुमान है। ऐसे में किसानों को सलाह दी गई है कि आसमान में बादल छाए या बारिश की संभावना लगे तो सिंचाई न करें। क्योंकि, तेज हवा व बारिश से फसल बर्बाद हो सकती है।

भूरा रतुआ और पाउडरी मिल्ड्यू रोग की संभावना
खराब मौसम के चलते गेहूं व जौ में कीट-रोगों का भी खतरा है। ऐसे में उत्तर प्रदेश, पंजाब और हरियाणा में भूरा रतुआ और इसी तरह जम्मू, हिमाचल प्रदेश व पहाड़ी क्षेत्रों में पाउडरी मिल्ड्यू लगने की संभावना है। ऐसे रोगों के संक्रमण दिखने पर किसानों को अनुशंसित कवकनाशी प्रोपीकोनाजोल का एक प्रतिशत की दर से छिड़काव करना है।

लीफ एफिड भी गेहूं को कर सकता बर्बाद
जिला कृषि अधिकारी तेग बहादुर सिंह ने बताया कि यदि बारिश हुई तो ऐसे मौसम में फसल को खतरा है। दोनों फसलें खेतों में खड़ी हैं। आईसीएआर की रिपोर्ट के मुताबिक गेहूं में लीफ एफिड (चेपा) पर भी किसान नजर रखें। जो पौधों को नष्ट कर देता है। ऐसी स्थिति में क्विनालफॉस 25 प्रतिशत ईसी 400 मिली 200-250 लीटर पानी में मिलाकर प्रति एकड़ छिड़काव करें।

प्रदेश में इतना हुआ आच्छादन
गेहूं : 97.45 लाख हेक्टेयर 
जौ : 1.78 लाख हेक्टेयर

इन मंडलों में इतना बोवाई
मंडल गेहूं (लाख हेक्टेयर) जौ (हेक्टेयर)
लखनऊ 11.65 8.85 लाख
अयोध्या 6.29 3.97 लाख
कानपुर 5.70 18.47 लाख
चित्रकूट 4.02 15.25 लाख
सहारनपुर 2.43 351 हेक्टेयर
बरेली 6.55 743 हेक्टेयर
मुरादाबाद 6.55 783 हेक्टेयर

हवा बंद होने पर करें सिंचाई : डॉ. अखिलेश 
कृषि विज्ञान केंद्र, लखनऊ के अध्यक्ष व वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक डॉ. अखिलेश दुबे ने बताया कि गेहूं व जौ के लिए मौसम ठीक नहीं है। ऐसे में यदि बारिश या हवा चलती है तो नुकसानदायक होगा। किसान सतर्क रहें और मौसम सामान्य होने पर ही हवा न चलने पर शाम को हल्की सिंचाई करें।

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