गायत्री महामंत्र की महिमा है अपरंपार :आचार्य श्याम बिहारी
अयोध्या, अमृत विचार। अखिल विश्व गायत्री परिवार द्वारा देवकाली बाईपास के निकट एक रिजॉर्ट में चल रहे 51 कुंडीय गायत्री महायज्ञ एवं प्रज्ञा पुराण कथा में कथाकार आचार्य श्याम बिहारी दुबे ने कहा कि हम सब मां गायत्री की संतान हैं और गायत्री मंत्र की महिमा अपरंपार है। गायत्री मंत्र के जप से सत्कर्म एवम सद विचार पैदा होते हैं।
उन्होंने कहा कि प्रतिदिन जप और तप करना चाहिए। तप की बड़ी महिमा है। आचार्य पंडित श्रीराम शर्मा तपोनिष्ठ थे। जो तपता है वही बनता है। बिना तपे कुछ नही बनता। उन्होंने कहा कि शबरी माता के घर प्रभु श्रीराम स्वयं चलकर पहुंचे है जबकि सुपर्णनखा बन ठन करके राम के पास आई है यही माया और प्रेम में अंतर है। कहा कि अचिंत चिंतन और अनुपयुक्त आचरण ही मनुष्य की समस्याओं का कारण है। प्रातः कालीन यज्ञ में श्रद्धालुओं ने सबके लिए सद्बुद्धि व उज्ज्वल भविष्य के भाव से गायत्री महामंत्र से आहुतियां दीं।
यज्ञ के बाद गायत्री परिवार की कार्यकर्ता गोष्ठी हुई। गोष्ठी को अयोध्या जोन प्रभारी देशबंधु तिवारी ने संबोधित किया। जिसमें वर्ष 2026 में होने वाली माता भगवती देवी शर्मा के जन्म शताब्दी समारोह तथा गायत्री शक्तिपीठ अयोध्या पर बनाए जा रहे विश्व स्तरीय गायत्री साधना केंद्र व प्रज्ञा भवन के निर्माण में सहयोग के लिए अपील की गई।गायत्री शक्तिपीठ अयोध्या के व्यवस्थापक रामकेवल यादव, संजय चतुर्वेदी, नीलम मिश्रा, माधुरी तिवारी, उषा तिवारी, कृष्णा सिंह, संजय सिंह आदि मौजूद रहे।
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