Unnao Makhi Incident: मुख्यमंत्री जी कुलदीप की संपत्ति को कब मिट्टी में मिलाएंगे, पीड़िता ने वीडियो वायरल कर की मांग

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

Unnao Makhi Incident उन्नाव के माखी कांड की पीड़िता ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से वीडियो वायरल कर की मांग।

Unnao Makhi Incident उन्नाव के बहुचर्चित माखी कांड में पीड़िता ने वीडियो वायरल कर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मांग की। वीडियो के माध्यम से पीड़िता ने कहा कि आरोपी कुलदीप सेंगर की संपत्ति को कब मिट्टी में मिलाएंगे।

उन्नाव, अमृत विचार। Unnao Makhi Incident बहुचर्चित माखी कांड की पीड़िता ने एक वीडियो वायरल कर मुख्यमंत्री से कहा कि आरोपी पूर्व विधायक की अवैध तरीके से अर्जित सम्पत्ति पर उनका बुलडोजर कब चलेगा। अपने वीडियो में पीड़िता ने विधानसभा में मुख्यमंत्री के विधानसभा में माफियाओं को मिट्टी में मिलाने वाले बयान का भी जिक्र किया है। यह आरोप दुष्कर्म पीड़िता की ओर से वीडियो वायरल पर लगाए जा रहे है। हालांकि अमृत विचार डॉट कॉम वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं करता है। 
 
माखी कांड की पीड़िता ने एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर मुख्यमंत्री के माफियाओं को मिट्टी में मिलाने वाले बयान का जिक्र करते हुए कहा कि आरोपी कुलदीप सिंह सेंगर जिसने हमारी जिंदगी बर्बाद की उसे माननीय न्यायालय ने रेप व हत्या की साजिश में दोषी मानते हुए सजा भी सुना दी है। उस पर बड़ी संख्या में मुकदमें दर्ज है। वीडियो में उसने आगे कहा कि आरोपी कुलदीप सिंह सेंगर ने अपने बाहुबल के दम पर करोड़ों रुपए की अकूत संपत्ति बनाई है माखी गांव की जमीनों पर उसके अवैध कब्जे आज भी बरकरार है। कब्जाई गयी सरकारी जमीन पर निजी विद्यालय बनवाया है।
 
मुख्यमंत्री जी आपका बुलडोजर कब इसे मिट्टी में मिलाएगा। उसने माखी गांव में बने बारात घर पर भी कुलदीप सेंगर कब्जे की बात कहते हुए कहा कि कुलदीप सिंह सेंगर के अलावा उसके  भाई जयदीप सिंह सेंगर भी माफिया जिन्होंने उसके पिता को मौत के घाट उतार दिया। चार बहनों और एक भाई को पूर्व विधायक व उसके भाइयों ने अनाथ कर दिया।  योगी जी मैं आपसे निवेदन करती हूं कि कुलदीप सिंह सेंगर के बाहुबल से अर्जित से अर्जित अवैध संपत्तियों पर बुलडोजर कब चलेगा। उसने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से उसकी संपत्ति को मिट्टी में मिला कर प्रदेश की बेटी के साथ न्याय करने की मांग की है।

 

संबंधित समाचार