वैज्ञानिकों ने पहली बार दो पुरुषों की कोशिकाओं से चूहे को किया विकसित 

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Edited By Amrit Vichar
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वॉशिंगटन। पहली बार वैज्ञानिकों ने दो मनुष्यों की कोशिकाओं से चूहे के बच्चे को विकसित किया है जिससे मनुष्य के जन्म के लिए भी इस तरह की तकनीक की छोटी-मोटी संभावना नजर आती है। हालांकि विशेषज्ञों ने कहा है कि जीवित चूहों के बच्चों में बहुत कम चूहे के भ्रूण विकसित हुए और किसी को नहीं पता कि ऐसा मनुष्यों के लिए कारगर होगा या नहीं। 

इस अनुसंधान में शामिल कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय, सैन फ्रांसिस्को में स्टेम सेल विशेषज्ञ डायना लैयर्ड ने कहा, यह बहुत समझदारी वाली तकनीक है। यह स्टेम कोशिकाओं और प्रजनन जीवविज्ञान दोनों में एक महत्वपूर्ण कदम है। वैज्ञानिकों ने नेचर पत्रिका में बुधवार को प्रकाशित एक अध्ययन में अपने अनुसंधान कार्य की जानकारी दी है।

अनुसंधान के तहत वैज्ञानिकों ने सबसे पहले नर चूहों की पूंछ से त्वचा की कोशिकाओं को लिया और उन्हें इंड्यूस्ड प्लुरिपोटेंट स्टेम सेल में बदल दिया, जिन्हें कई अलग-अलग प्रकार की कोशिकाओं या ऊतकों में विकसित किया जा सकता है। फिर, एक प्रक्रिया के माध्यम से उन्होंने नर चूहों की स्टेम कोशिकाओं को मादा कोशिकाओं में बदला और फिर अंडों की कोशिकाएं विकसित कीं। इस प्रक्रिया में कोशिकाओं को बढ़ाना और एक दवा से उनका उपचार शामिल है।

अंतत: उन्होंने उन अंडों को निषेचित किया और भ्रूण को मादा चूहों में प्रतिरोपित किया। कुल 630 भ्रूण में से सात (करीब एक प्रतिशत) जीवित चूहों के बच्चों का रूप ले सके। जापान में क्यूशू विश्वविद्यालय और ओसाका विश्वविद्यालय के अनुसंधानकर्ता कात्सुहिको हयाशी ने पिछले सप्ताह मानव जीनोम एडिटिंग पर आयोजित तीसरे अंतरराष्ट्रीय शिखर सम्मेलन में साथी वैज्ञानिकों को बताया कि चूहों के बच्चे सामान्य रूप से विकसित होते दिखाई दिए और सामान्य तरीके से स्वयं प्रजनन करने में सक्षम थे। ‘नेचर’ में जारी अध्ययन के साथ प्रकाशित एक टिप्पणी में लैयर्ड और उनके सहयोगी, जोनाथन बायर्ल ने कहा कि यह कार्य जानवरों और मनुष्यों के लिए ‘‘प्रजनन जीव विज्ञान तथा प्रजनन अनुसंधान में नए रास्ते खोलता है।

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