खटीमा: …तो स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही से गई अधेड़ की जान
खटीमा,अमृत विचार। राजीवनगर निवासी अधेड़ की कोरोना से मौत के मामले में नया मोड़ आया है। रविवार को आई आरटीपीसीआर रिपोर्ट निगेटिव निकली। इसके बाद अधेड़ की बेटी ने स्वास्थ्य विभाग को कठघरे में खड़ा कर दिया। उसने कहा कि ऑक्सीजन नहीं मिलने से उसके पिता की जान गई, अगर ऑक्सीजन मिल जाती तो उसके …
खटीमा,अमृत विचार। राजीवनगर निवासी अधेड़ की कोरोना से मौत के मामले में नया मोड़ आया है। रविवार को आई आरटीपीसीआर रिपोर्ट निगेटिव निकली। इसके बाद अधेड़ की बेटी ने स्वास्थ्य विभाग को कठघरे में खड़ा कर दिया। उसने कहा कि ऑक्सीजन नहीं मिलने से उसके पिता की जान गई, अगर ऑक्सीजन मिल जाती तो उसके पिता आज जिंदा होते, उन्हें कोरोना नहीं था। वहीं, मोहल्ले वालों ने पुलिस-प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और कंटेनमेंट जोन हटाने की मांग की।
सांस लेने में तकलीफ होने पर राजीव नगर निवासी अधेड़ पीके चौधरी काे नागरिक चिकित्सालय लाया गया, यहां जब उनका रैपिड एंटीजन टेस्ट किया गया तो उसमें रिपोर्ट पाॅजिटिव आई, इस पर 11 अगस्त को उसे रुद्रपुर रेफर कर दिया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद चौधरी की बेटी प्रिया चौधरी ने स्वास्थ्य महकमे पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए डीएम को पत्र भेजा, जिस पर डीएम ने जांच के आदेश जारी किए।
वहीं, 10 अगस्त को की गई आरटीपीसीआर की जांच रिपोर्ट रविवार को निगेटिव आई। इसकी जानकारी मिलते ही मृतक के परिजन और राजीवनगर के लोग भड़क गए। उन्होंने बैरिकेडिंग के पास एकत्र होकर पुलिस-प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी।
मोहल्ले की महिला सुप्रियावाला ने कहा कि उनके मोहल्ले में कोरोना का कोई मामला ही नहीं है तो कंटेनमेंट जोन क्यों बनाया गया है। कंटेनमेंट जोन बनाने से उन्हें बेहद परेशानी हो रही है। वह लोग काम पर नहीं जा पा रहे हैं। मोहल्ले वालों ने प्रशासन पर भी किसी प्रकार की सुविधा मुहैया नहीं कराने और जरूरत का सामान उपलब्ध नहीं कराने का आरोप लगाया।
उन्होंने कंटेनमेंट जोन हटाने की मांग की। इस दौरान विजय राज, उमेश कुमार, राकेश कुमार, सचिन, कालीदास, राजेश गुप्ता, अजय गुप्ता, दिनेश, शीला देवी, पुष्पा देवी, किरन, गीता, नीमा देवी, बसंती देवी, शोभावती, अर्चना आदि मौजूद थे।
मेरे पति को किसी ने हाथ नहीं लगाया: बीना
राजीवनगर निवासी पीके चौधरी की मौत के बाद उसके परिजनों ने स्वास्थ्य विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाया। मृतक की पत्नी बीना चौधरी ने आरोप लगाया कि जब स्वास्थ्य कर्मी उनके घर आए तो किसी ने भी उनके पति को हाथ नहीं लगाया। उसकी बेटी ने अपने पिता को ऑक्सीजन लगाया। इसके अलावा जिस एंबुलेंस से उनके पति को रुद्रपुर अस्पताल ले जाया गया, उसमें ऑक्सीजन की सुविधा भी नहीं थी। अस्पताल वालों ने 2 घंटे सिर्फ कागज बनाने में ही लगा दिए।
झनकईया पुलिस पर लगाया धमकाने का आरोप
राजीवनगर के लोगों ने झनकईया पुलिस पर उन्हें धमकाने का आरोप लगाया। कहा कि झनकईया थाने से आए पुलिस कर्मियों ने उनके साथ गालीगलौज की और जब उन्होंने उनकी वीडियो बनाने की कोशिश की तो उन्होंने नहीं बनाने दी। मृतक की बेटी प्रिया चौधरी ने आरोप लगाया कि झनकईया थाने से आए पुलिस कर्मी मेहरा ने उसके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने की धमकी दी है।
“10 अगस्त को की गई जांच की रिपोर्ट निगेटिव आई है, लेकिन जब 11 अगस्त को रैपिड एंटीजन टेस्ट किया गया तो चौधरी की रिपोर्ट पाॅजिटिव थी। राजीव नगर के लोगों की भी जांच की गई है, इसकी रिपोर्ट अभी नहीं आई है, आने के बाद कंटेनमेंट जोन हटाने पर विचार किया जाएगा।” -डाॅ.सुषमा नेगी, सीएमएस, नागरिक चिकित्सालय
