Chitrakoot: रोचक रहा रामनगर ब्लाक के बांधी समिति का चुनाव, दो-दो बार गणना के बाद भी जीत गया भाजपाई का प्रतिद्वंद्वी

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Edited By Amrit Vichar
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चित्रकूट में दो-दो बार गणना के बाद भी भाजपाई का प्रतिद्वंद्वी जीत गया।

चित्रकूट में दो-दो बार गणना के बाद भी भाजपाई का प्रतिद्वंद्वी जीत गया। रामनगर ब्लाक के बांधी समिति का चुनाव रोचक रहा।

चित्रकूट, अमृत विचार। सहकारी समितियों के चुनाव को लेकर सत्तापक्ष और विपक्ष के नेताओं में सरगर्मी है। हालांकि लंबी प्रक्रिया है पर निगाहें जिला सहकारी बैंक के अध्यक्ष पद पर हैं। शनिवार को जिले में कई समितियों के लिए चुनाव हुआ। सबसे रोचक स्थिति रामनगर ब्लाक की सहकारी समिति बांधी में बनी, जहां तमाम कोशिश के बाद भी भाजपा नेता जीत हासिल नहीं कर सके।
 
गौरतलब है कि रामनगर की बांधी सहकारी समिति में भाजपा के मंडल अध्यक्ष प्रदीप सिंह और निर्दलीय प्रत्याशी सुभाष पांडेय के बीच मुकाबला था। यहां पार्टी की साख बचाने के लिए भाजपाई कवायद में लगे रहे। भाजपा जिलाध्यक्ष चंद्रप्रकाश खरे ने सुभाष पांडेय के संबंध में विद्युत वितरण खंड राजापुर के अधिशासी अभियंता को 14 मार्च को पत्र लिखकर चुनाव लड़ने से रोकने की कार्रवाई करने का अनुरोध किया था। पत्र में जिलाध्यक्ष ने कहा था कि विद्युत विभाग के संविदाकर्मी सुभाष पांडेय पावर हाउस बोड़ी पोखरी में कार्यरत हैं और सहकारी समिति रामपुर बांधी के चुनाव के लिए नामांकन किए हैं।
 
उनका कहना था कि संविदाकर्मी कर्मचारी नियमावली के तहत चुनाव नहीं लड़ सकते हैं। हालांकि बाद में सुभाष चंद्र पांडेय चुनाव मैदान में डटे रहे। शनिवार को बांधी में हुए चुनाव में सुभाष ने 41 मत हासिल कर जीत हासिल कर ली। प्रदीप को 39 मत हासिल हुए। छह मत अवैध करार दिए गए। उधर, प्रदीप ने पुनर्गणना की मांग की और पहली बार जहां उनकी छह मत से हार हुई थी वहीं पुनर्मतगणना में सुभाष दो मत से विजयी घोषित किए गए। भाजपाइयों और अन्य दलों में इस चुनाव को लेकर गहमागहमी रही। चर्चा रही कि कोशिशों के बाद भी निर्दलीय प्रत्याशी ने जीत हासिल की और कहीं यह भाजपा के लिए कोई संकेत तो नहीं है।

 

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