अमृतपाल सिंह के खिलाफ कार्रवाई, पंजाब पुलिस ने पांच व्यक्तियों के खिलाफ लगाया रासुका

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Edited By Amrit Vichar
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चंडीगढ़। पंजाब पुलिस ने सोमवार को कहा कि उसने कट्टरपंथी उपदेशक अमृतपाल सिंह के संगठन 'वारिस पंजाब दे' से जुड़े पांच व्यक्तियों के खिलाफ सख्त राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) लगाया है। पंजाब के पुलिस महानिरीक्षक (मुख्यालय) सुखचैन सिंह गिल ने यहां मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि कट्टरपंथी उपदेशक अमृतपाल सिंह फरार है और उसे पकड़ने के प्रयास जारी हैं।

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उन्होंने कहा कि ‘वारिस पंजाब दे’ संगठन के तत्वों के खिलाफ कार्रवाई में अब तक छह प्राथमिकी दर्ज की गई हैं और 114 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया है। गिल ने यह भी कहा कि पुलिस को मामले में ‘‘आईएसआई पहलू’’ और विदेशी वित्तपोषण का संदेह है।

उन्होंने एक सवाल के जवाब में कहा कि संगठन से जुड़े पांच व्यक्तियों के खिलाफ रासुका लगाया गया है। गिरफ्तार किये गए चार व्यक्तियों-दलजीत सिंह कलसी, भगवंत सिंह, गुरमीत सिंह और पी. बजेके के खिलाफ सख्त कानून लागू किया गया है, जिन्हें असम की डिब्रूगढ़ केंद्रीय जेल में स्थानांतरित कर दिया गया है।

उन्होंने कहा कि जालंधर में शनिवार रात आत्मसमर्पण करने वाले हरजीत सिंह के खिलाफ भी रासुका लगाया गया है। पुलिस ने कहा कि अमृतपाल सिंह के चाचा हरजीत सिंह को भी डिब्रूगढ़ केंद्रीय जेल ले जाया जाएगा। गिल ने कहा कि कट्टरपंथी उपदेशक के खिलाफ कार्रवाई के मद्देनजर पुलिस राज्य में फ्लैग मार्च कर रही है और सभी जिलों में शांति समितियों की बैठकें हो रही हैं।

उन्होंने कहा कि पंजाब में पूरी तरह से शांति है। अधिकारी ने लोगों से अफवाहों और फर्जी खबरों पर ध्यान नहीं देने का आग्रह भी किया और कहा कि इसमें शामिल पाये गए व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने शनिवार को अमृतपाल और उसके संगठन 'वारिस पंजाब दे' के सदस्यों के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई शुरू की थी। हालांकि, अमृतपाल पुलिस को तब चकमा देकर फरार हो गया जब उसके काफिले को जालंधर जिले में रोका गया।

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