हल्द्वानी: जेल से छूट कर जमींदोज हुई आशा, ममता बनकर रचाया ब्याह

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Edited By Amrit Vichar
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15 साल पहले देह व्यापार के मामले में किया था काठगोदाम पुलिस ने गिरफ्तार

जमानत लेकर जमींदोज हो गई, हिमाचल से पकड़ी 20 हजार की इनामी आशा

हल्द्वानी, अमृत विचार। देह व्यापार के मामले में गिरफ्तार आशा को काठगोदाम पुलिस ने जेल तक पहुंचाया, लेकिन वह जमानत पर रिहा हो गई और फिर हाथ नहीं आई। अदालत से समन-समन भेजे जाते रहे और 15 साल गुजर गए। इतने सालों बाद जब वह हाथ लगी तो नाम और ठिकाना बदल कर ब्याह रचा चुकी थी। इतने सालों बाद 20 हजार की इनामिया आशा को एक बार फिर सलाखों के पीछे पहुंचा दिया गया है। 

काठगोदाम पुलिस के मुताबिक वर्ष 2008 में मलसा खेड़ा शीशगढ़ बहेड़ी बरेली उत्तर प्रदेश निवासी आशा को काठगोदाम पुलिस ने देह व्यापार के आरोप में गिरफ्तार किया था। आशा रुद्रपुर में किराए का मकान लेकर रहती थी। कोर्ट से आशा को जेल भेज दिया गया। कुछ समय में ही वह जेल से जमानत पर रिहा हो गई, लेकिन लौट कर अपने ठिकाने पर नहीं पहुंची।

इधर, तारीखों पर न पहुंचने के वजह से अदालत से उसके खिलाफ समन जारी किए जाने लगे। पुलिस तलाश में जुटी तो पता लगा कि वो न को बरेली में है और न ही रुद्रपुर स्थित किराए के मकान में। उस पर इनाम घोषित कर दिया गया, लेकिन फिर भी हाथ नहीं आई। इनाम राशि लगातार बढ़ती रही और आशा 20 हजार की इनामिया बदमाश घोषित कर दी गई।

 इतने बड़े इनाम के बाद काठगोदाम पुलिस पर गिरफ्तारी का दबाव बढ़ा तो व्यापक तौर पर उसकी तलाश शुरू की गई। उसके हर करीबी और जानने वाले पुलिस की राडार पर आ गए और पुलिस के हाथ अहम जानकारी लग गई। पता लगा कि आशा ने बरसड़ हमीरपुर हिमाचल प्रदेश में न सिर्फ अपना नया ठिकाना बना लिया है, बल्कि अमरपाल उर्फ अम्बे नाम के युवक से शादी भी कर ली है।

शादी के साथ ही उसने अपना नाम आशा से भावना रख लिया और आधार कार्ड समेत अन्य दस्तावेजों में भी नए नाम से बना लिए। इसी बीच पुलिस को खबर लगी कि आशा उर्फ भावना अपने वकील से मिलने हल्द्वानी आ रही है। टीम ने जाल बिछाया और 20 हजार की इनामिया आशा हत्थे चढ़ गई। पुलिस टीम में काठगोदाम थानाध्यक्ष प्रमोद पाठक, एएसआई अरबिन्द सिंह, कांस्टेबल अरबिन्दु कार्की, महिला कांस्टेबल भगवती रौतेला है।

 

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