अवमानना मामला: भूषण दोषसिद्धि के खिलाफ पुनर्विचार याचिका दायर करेंगे
नई दिल्ली। अदालत की अवमानना मामले में दोषी ठहराये गये जाने-माने वकील प्रशांत भूषण पुनर्विचार याचिका दायर करेंगे। प्रशांत भूषण के खिलाफ 2009 के एक अन्य अवमानना मामले में सोमवार को सुनवाई के दौरान उनकी पैरवी कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता राजीव धवन ने यह संकेत दिये। राजीव धवन ने न्यायमूर्ति अरुण मिश्रा की अध्यक्षता वाली खंडपीठ …
नई दिल्ली। अदालत की अवमानना मामले में दोषी ठहराये गये जाने-माने वकील प्रशांत भूषण पुनर्विचार याचिका दायर करेंगे। प्रशांत भूषण के खिलाफ 2009 के एक अन्य अवमानना मामले में सोमवार को सुनवाई के दौरान उनकी पैरवी कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता राजीव धवन ने यह संकेत दिये। राजीव धवन ने न्यायमूर्ति अरुण मिश्रा की अध्यक्षता वाली खंडपीठ के समक्ष कहा कि उनके मुवक्किल 14 अगस्त की दोषसिद्धि के मामले में पुनर्विचार याचिका दायर करेंगे।
इस बीच तहलका पत्रिका के संस्थापक सम्पादक तरुण तेजपाल के साक्षात्कार मामले में अवमानना का सामना कर रहे प्रशांत भूषण के पिता एवं पूर्व कानून मंत्री शांति भूषण ने मामले की सुनवाई अदालत कक्ष में पारम्परिक सुनवाई शुरू होने के बाद करने की वकालत की, जबकि राजीव धवन ने कहा कि जजों के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों के बारे में बयानबाजी एवं मीडिया में इनके प्रकाशन को लेकर दिशानिर्देशों के निर्धारण के लिए बड़ी पीठ को भेजने का अनुरोध किया गया।
इस बीच प्रशांत भूषण ने हलफनामा देकर कहा है कि जनहित में भ्रष्टाचार के आरोपों की बात करना अदालत की अवमानना नहीं है। न्यायालय ने कई सवाल किए हैं, जिसमें पहला सवाल है कि यदि न्यायिक भ्रष्टाचार पर बयान सार्वजनिक किए जाते हैं, तो वे किन परिस्थितियों में किए जा सकते हैं। दूसरा वर्तमान और सेवानिवृत्त जजों पर सार्वजनिक रूप से भ्रष्टाचार के ऐसे बयान दिए जाने पर अपनाये जाने वाली प्रक्रिया क्या हो? न्यायालय अब इस मामले की सुनवाई अगले सप्ताह होगी।
