बरेली: नगर निगम में ये भी खेल...एक काम के दो एस्टीमेट और लाखों का फर्क, जानिए पूरा मामला
एक ही जूनियर इंजीनियर ने पास कर दिए एक सड़क के दोनों एस्टीमेट, दो अलग-अलग ठेकेदार फर्म को दे दिया गया काम
बरेली, अमृत विचार। नगर निगम का खजाना खाली करने के लिए अफसरों ने कई खेल ऐसे भी किए जिन पर आसानी से यकीन आना भी मुश्किल है। ऐसा ही एक खेल एक ही सड़क के दो एस्टीमेट जारी कर देने का है। दोनों एस्टीमेट में फर्क भी तीन लाख से ज्यादा का था और दोनों को एक ही जूनियर इंजीनियर के हस्ताक्षर से जारी किया गया। यह खेल अफसरों की जानकारी में भी आया लिहाजा पूर्व नगर आयुक्त ने जांच का आदेश दिया लेकिन यह आदेश निर्माण विभाग की फाइल में ऐसा दबा कि फिर निकला ही नहीं।
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घोर भ्रष्टाचार की मिसाल बना यह मामला नगर निगम के वार्ड 51 के अंतर्गत आने वाले नगरिया परीक्षित इलाके में एसयू रोड से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र होते हुए इरफान से रफाकत और हीरा के घर तक नाली और सीसी रोड बनाने का था। नगर निगम में इस निर्माण कार्य के लिए दो एस्टीमेट बनाए गए। इसमें पहला एस्टीमेट 4.46 लाख का था जो कॉन्ट्रैक्टर अरविंद कुमार को दिया गया था। दूसरा एस्टीमेट 7.58 लाख का था जो मेसर्स बालाजी कंस्ट्रक्शन के नाम था। दोनों एस्टीमेट की फाइल इलाके के जूनियर इंजीनियर ने बाकायदा अपने हस्ताक्षर के साथ आगे बढ़ाई थीं।
दोनों फाइलें जब तत्कालीन नगर आयुक्त की मेज पर पहुंचीं तो उन्होंने यह गोलमाल पकड़ लिया और इस पर कड़ी नाराजगी जताते हुए मुख्य अभियंता को जांच करने के बाद गोलमाल करने वालों पर सख्त कार्रवाई करने का आदेश दिया लेकिन मुख्य अभियंता ने न जांच की न कार्रवाई। तत्कालीन नगर आयुक्त का आदेश अब तक फाइल में ही दबा हुआ है।
इसी तरह वार्ड 33 में अशरफी देवी के मकान से सुनील के मकान तक सीसी रोड बनाई गई। बाद में इसी काम के लिए नाम बदलकर एक और टेंडर निकाल दिया गया। जूनियर इंजीनियर के हस्ताक्षर से बनी फाइल के बाद इस काम का भी टेंडर वर्ष 2021 में अपलोड हो गया। बाद में जूनियर इंजीनियर का एरिया बदला और नए जूनियर इंजीनियर आए तो उन्होंने इस टेंडर को निरस्त करा दिया। इस मामले में भी अफसरों ने कोई कार्रवाई नहीं की। सूत्रों के मुताबिक इस तरह के टेंडरों में अफसरों और ठेकेदार के बीच 80 और 20 प्रतिशत के बंटवारे का खेल होता है।
निवर्तमान पार्षद बोले- घटिया था काम, चली ही नहीं सड़क
वार्ड 65 सुरेश शर्मा नगर के निवर्तमान पार्षद नरेश पटेल ने बताया दुर्गानगर सबस्टेशन के सामने ठेकेदार ने सड़क इस कदर घटिया बनाई कि उसकी नाली कुछ ही समय बाद गिर गई और सड़क दो साल भी नहीं चल पाई। अफसरों ने अब तक कोई कार्रवाई नहीं की, उल्टे अब ठेकेदार एफडी भी निकालने के चक्कर में है। माधोबाड़ी में रहने वाले नरेश गोयल ने बताया कि अब्दुल रज्जाक इंटर कॉलेज से रामायण मंदिर तक रोड बननी थी। टेंडर के बाद काम शुरू हो गया लेकिन जुलाई से काम रुका है। यहां के लोग निवर्तमान मेयर से भी मिले लेकिन उनके आश्वासन के बावजूद सड़क अब तक नहीं बनी है।
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